Nalanda Ration Card : नालंदा जिले में नए राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के बीच तकनीकी समस्या हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. पिछले छह दिनों से अधिकांश साइबर कैफे और कंप्यूटर दुकानों में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के लिए इस्तेमाल होने वाला ऑनलाइन पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है.
इसके कारण राशन कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं और लाभुक आरटीपीएस काउंटर से लेकर साइबर कैफे तक चक्कर लगाने को मजबूर हैं.
प्रशासन की ओर से राशन कार्ड के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 13 अगस्त निर्धारित की गई है. ऐसे में समय कम बचा है, लेकिन बड़ी संख्या में आवेदकों के आवश्यक प्रमाण पत्र अब तक नहीं बन पाए हैं. इससे लोगों में यह आशंका बढ़ गई है कि कहीं तकनीकी खराबी के कारण वे आवेदन करने से वंचित न रह जाएं.
जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में हजारों लोगों का नाम राशन कार्ड की सूची से हटाया गया है. अब नए राशन कार्ड बनवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग आवेदन करना चाहते हैं, जिसके लिए जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र अनिवार्य हैं.
महिलाओं को उठानी पड़ रही दोहरी परेशानी
राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक है और उन्हें सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
महिलाओं को आय और निवास प्रमाण पत्र पति के अंचल से बनवाना पड़ता है, जबकि जाति प्रमाण पत्र के लिए पिता के अंचल में आवेदन करना आवश्यक होता है. ऐसे में अलग-अलग अंचलों के चक्कर लगाने के बाद भी तकनीकी समस्या के कारण आवेदन नहीं हो पाने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है.
लाभुक मधु कुमार, कविता सिन्हा और मनीषा कुमार ने बताया कि पिछले कई दिनों से वे लगातार साइबर कैफे और संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वेबसाइट नहीं चलने के कारण आवेदन नहीं हो पा रहा है.
पोर्टल को लेकर अधिकारी का बयान
जिला सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधक सतीश कुमार ने बताया कि अंचलों के आरटीपीएस काउंटरों पर आवेदन लेने का कार्य जारी है. उन्होंने कहा कि साइबर कैफे और निजी कंप्यूटर दुकानों से वेबसाइट नहीं चलने की शिकायत मिली है, जिसकी जांच कराकर तकनीकी समस्या को जल्द दूर किया जाएगा.
पात्र परिवारों पर मंडराया वंचित होने का खतरा
राशन कार्ड आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक आने और तकनीकी समस्या बरकरार रहने से जिले के हजारों जरूरतमंद परिवारों की चिंता काफी बढ़ गई है.
साइबर संचालकों का कहना है कि पोर्टल बार-बार ठप हो रहा है या बहुत धीमी गति से काम कर रहा है, जिससे आवेदन पूरा नहीं हो पा रहा है. हालांकि, प्रशासन का यह भी कहना है कि जिले के सभी अंचलों में स्थित आरटीपीएस काउंटरों पर ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी है.
अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग
इसके बावजूद आम जनता की मांग है कि पोर्टल को जल्द पूरी तरह सुचारु कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर आवेदन की अंतिम तिथि भी बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार केवल तकनीकी कारणों से सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रह जाए.
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