ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण वेणुवन इन दिनों उचित रखरखाव के अभाव में बदहाली का शिकार है. देश-विदेश से आने वाले पर्यटक यहां की हरियाली, ऐतिहासिक स्थलों, भगवान बुद्ध से जुड़ी स्मृतियों और आकर्षक पाथवे का आनंद लेने पहुंचते हैं, लेकिन परिसर की बदहाल व्यवस्था पर्यटन की खूबसूरती पर सवाल खड़े कर रही है. पर्याप्त देखरेख नहीं होने से वेणुवन के कई हिस्सों में अव्यवस्था साफ दिखाई दे रही है.
जर्जर फुटब्रिज और बंद पड़े फाउंटेन से सुरक्षा व सौंदर्य पर असर
वेणुवन के विभिन्न पाथवे के दोनों किनारे लगाए गए लाल और हरे हेज अब मेंटेनेंस के अभाव में ठूंठ होते जा रहे हैं. फुटब्रिज भी रखरखाव की कमी से जर्जर हो रहे हैं.
वेणुवन पार्ट वन से पार्ट टू जाने वाले दोनों फुटब्रिज की लकड़ी की पटरियां कई स्थानों पर सड़ चुकी हैं और लकड़ी गायब होने से लोहे का फ्रेम दिख रहा है, जिससे सुरक्षा का खतरा बना हुआ है. परिसर के सभी फाउंटेन भी लंबे समय से बंद पड़े हैं.
महिला पर्यटकों को हो रही परेशानी
परिसर के तीन शौचालयों में सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है. पुरानी पश्चिमी द्वार के समीप स्थित शौचालय का नवीनीकरण चल रहा है, लेकिन उत्तरी प्रवेश द्वार के समीप स्थित शौचालय की स्थिति बेहद खराब है.
यहां महिलाओं के लिए पेशाब करने की समुचित सुविधा नहीं है तथा पुरुष और महिला शौचालय के नल ढीले हैं व फ्लश काम नहीं कर रहा है.
ऐतिहासिक कलंद निवाप और एम्फीथिएटर में उगे जंगल-झाड़
भगवान बुद्ध के राजगीर प्रवास के दौरान स्नान से जुड़े कलंद निवाप तालाब में बोरिंग से पानी भरा जा रहा है, लेकिन चारों ओर जंगल-झाड़ उग आए हैं.
इसके अलावा वेणुवन का एम्फीथिएटर सबसे अधिक उपेक्षित नजर आ रहा है, जिसके पैवेलियन में बड़े-बड़े घास उग आए हैं.
पर्यटकों और स्थानीय नेताओं ने मरम्मत कराने की उठाई मांग
पर्यटक डॉ. सत्येन्द्र प्रसाद, सबोध कुमार, सौरव कुमार ने नियमित रखरखाव पर ध्यान देने की जरूरत बताई. वहीं केंद्रीय पर्यटन सलाहकार डॉ. कौलेश कुमार, जदयू नगर अध्यक्ष आशुतोष कुमार पाण्डेय, जदयू नेता बबलू कुमार और जनसुराज के उपेन्द्र कुमार विभूति ने वन विभाग से शौचालय, फुटब्रिज, हरियाली, एम्फीथिएटर और फाउंटेन की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है.
