Rajgir Siddhnath Temple : श्रावण मास की दूसरी सोमवारी पर राजगीर के ऐतिहासिक वैभारगिरी पर्वत पर स्थित महाभारतकालीन बाबा सिद्धनाथ मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला.
भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वैभारगिरी पर्वत का वातावरण शिवमय हो उठा.
करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने सिद्धनाथ महादेव के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की.
श्रद्धालुओं का उत्साह और पर्वतीय क्षेत्र का भक्तिमय माहौल
श्रावण की दूसरी सोमवारी को लेकर मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष धार्मिक उत्साह रहा. दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर शांतिपूर्ण ढंग से बाबा सिद्धनाथ का दर्शन किया. कई श्रद्धालु कांवर लेकर भी मंदिर पहुंचे और भगवान शिव को जल अर्पित किया. पर्वतीय क्षेत्र में गूंजते शिवभक्तों के जयकारे और घंटियों की ध्वनि ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया.
प्रशासनिक चौकसी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण, पेयजल एवं सुगम दर्शन को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे. अनुमंडल पदाधिकारी सूर्य प्रकाश गुप्ता एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजीत कुमार गुप्ता स्वयं सिद्धनाथ मंदिर परिसर में मौजूद रहे.
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सुरक्षा व्यवस्था तथा भीड़ प्रबंधन की लगातार निगरानी करते रहे. प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों की सक्रियता से श्रद्धालुओं को दर्शन एवं जलाभिषेक में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.
प्रशासन की अपील और सफल संचालन पर आभार
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से भी व्यवस्था बनाए रखने, कतार में रहकर दर्शन करने तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई. स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवकों ने भी श्रद्धालुओं की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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श्रावणी मेले की दूसरी सोमवारी शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने पर जिला प्रशासन ने राजगीर पहुंचे सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया.
प्रशासन ने मेले के सफल संचालन में स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों, स्वयंसेवकों एवं श्रद्धालुओं के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाली सोमवारी तथा पूरे श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा, सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी.
