Rajgir Nagar Parishad Delimitation : नए परिसीमन के तहत राजगीर नगर परिषद का दायरा और आबादी बढ़ने की संभावना है. प्रखंड के कम से कम तीन गांवों को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल करने की प्रशासनिक कवायद शुरू हो गई है.
इसके तहत नई पोखर पंचायत के बिरचैत तथा नाहुब पंचायत के सीमा और झालर गांव को नगर परिषद में शामिल करने की पहल की जा रही है. इन गांवों के शामिल होने से नगर परिषद की भौगोलिक सीमा में विस्तार के साथ आबादी भी बढ़ेगी. इसके साथ ही दो पंचायतों का अस्तित्व सदा के लिए समाप्त हो जाएगा.
5 वर्ष पूर्व शामिल हुआ था नई पोखर गांव
नई पोखर पंचायत में बिरचैत को छोड़कर पंचायत के सभी गांव पहले ही नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जा चुके हैं. एक ही पंचायत के अधिकांश गांव नगर परिषद में और एक गांव पंचायत क्षेत्र में रहने से प्रशासनिक एवं विकासात्मक व्यवस्था में असमानता की स्थिति बनी हुई है.
ग्रामीणों का कहना है कि इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक समन्वय में परेशानी होती है. जिस नई पोखर गांव के नाम पर पंचायत का गठन हुआ था, वह करीब पांच वर्ष पूर्व ही नगर परिषद में शामिल हो चुका है.
पंचायत की मुखिया भी नई पोखर गांव की निवासी हैं और वह नगर परिषद के मुख्य पार्षद पद का चुनाव भी लड़ चुकी हैं. नगर परिषद सूत्रों के अनुसार बिरचैत गांव को वार्ड संख्या पांच लहुआर में शामिल करने की पहल चल रही है.
सीमा और झालर गांव को भी नगर परिषद में शामिल करने का प्रस्ताव
नाहुब पंचायत के सीमा और झालर गांव को भी नगर परिषद में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. सूत्रों के अनुसार सीमा को वार्ड संख्या दो नाहुब और झालर को वार्ड संख्या तीन बेलौआ में शामिल करने का प्रस्ताव है. परिसीमन के दौरान भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है.
फोरलेन के आधार पर परिसीमन की सहमति
सीमा और सतोखरी गांव को नगर परिषद में शामिल करने को लेकर नाहुब के लोगों में सहमति है. उनका तर्क है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-82 के राजगीर-बिहारशरीफ फोरलेन के पश्चिमी हिस्से में नाहुब और सीमा-सतोखरी गांव स्थित हैं.
ऐसे में सीमा को नाहुब वार्ड में शामिल करना भौगोलिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से उचित होगा. वहीं झालर और बेलौआ दोनों गांव फोरलेन के पूर्वी हिस्से में स्थित हैं, इसलिए झालर को बेलौआ वार्ड में शामिल करना परिसीमन के दृष्टिकोण से न्यायसंगत माना जा रहा है.
अंतिम प्रस्ताव पर टिकी निगाहें
पूर्व प्रमुख सुधीर कुमार पटेल का सुझाव है कि सीमा और झालर को मिलाकर एक नया वार्ड बनाया जा सकता है. नए परिसीमन से राजगीर नगर परिषद के स्वरूप में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद है. अब सबकी निगाहें प्रशासनिक प्रस्ताव और अंतिम परिसीमन पर टिकी हैं.
