Nalanda News : बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार से राजगीर नगर परिषद के स्थायी, दैनिक, संविदा, आउटसोर्सिंग और ठेका कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. हड़ताल के कारण नगर परिषद की सफाई, जलापूर्ति, कार्यालयी कार्य समेत कई नागरिक सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं.
नगर परिषद परिसर में सभा, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
हड़ताल की शुरुआत नगर परिषद परिसर में आयोजित सभा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया. इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई.
'मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन'
हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि वे वर्षों से अस्थायी व्यवस्था में कार्य कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं और सेवा सुरक्षा नहीं मिली है. कई बार सरकार और विभागीय अधिकारियों के समक्ष समस्याएं उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने के कारण उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन सूत्री मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
कर्मचारी बोले- नगर परिषद की रीढ़ हैं कर्मी
सभा की अध्यक्षता बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ की राजगीर शाखा के अध्यक्ष बदल कुमार ने की, जबकि संचालन जनशक्ति श्रमिक महासंघ के अध्यक्ष भगत ने किया. वक्ताओं ने कहा कि नगर परिषद के कर्मचारी व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं की अनदेखी उचित नहीं है. सरकार को शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए.
लंबी हड़ताल से बढ़ सकती हैं शहर की मुश्किलें
हड़ताल में अशोक राम, इंदल राम, राहुल राम, सन्नी कुमार, अजय कुमार, गौरव कुमार, शंकर यादव, उपेंद्र सिंह, सोनी कुमारी, जैकी राम, तिलेश्वर राम सहित सैकड़ों कर्मचारी शामिल रहे. कर्मचारियों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा. इधर, हड़ताल का असर नगर परिषद की आवश्यक सेवाओं पर दिखने लगा है. यदि आंदोलन लंबा चला तो शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा उठाव और अन्य नागरिक सुविधाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं.
