संवाददाता शेखोपुसराय. राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के दिव्यांग छात्र प्रियांशु ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते एक सॉफ्टवेयर तैयार कर ऑटोमैटिक उपस्थिति प्रणाली सॉफ्टवेयर विकसित कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कॉलेज में एक दिन शिक्षक के क्लास में 10 मिनट देर से पहुंचने की सामान्य बात ने प्रियांशु को इतना प्रेरित किया कि उसने आठ महीनों तक लगातार मेहनत कर एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार कर दिया, जो अब एक मिनट की देरी भी बर्दाश्त नहीं करता. शेखपुरा जिले के नागडीह गांव निवासी किसान अशोक सिंह के एक मात्र पुत्र प्रियांशु ने हाल ही में (एसबीटी) परीक्षा में टॉप कर अपनी मेधावी प्रतिभा का प्रमाण भी दिया है. सिविल इंजीनियरिंग विभाग का छात्र होने के बावजूद तकनीकी क्षेत्र में उसकी समझ और नवाचार क्षमता ने सभी को प्रभावित किया है. कॉलेज के प्राचार्य वसंत कुमार ने स्वयं दो घंटे तक सॉफ्टवेयर का प्रेजेंटेशन देखकर इसकी कार्यप्रणाली की पुष्टि की. इसके बाद स्वदेशी प्लेटफ़ॉर्म (INDUS Play Store) ने इस सॉफ्टवेयर को वेरीफाई कर अपने साइट पर प्रकाशित कर दिया. इसके साथ ही अब पूरा कॉलेज इस ऐप का उपयोग कर रहा है और यह पूरी तरह सक्रिय है. ऑटोमैटिक उपस्थिति प्रणाली शिक्षक को अलग से उपस्थिति दर्ज करने की आवश्यकता नहीं.छात्र के क्लास ज्वाइन करते ही ऐप स्वतः उपस्थिति रिकॉर्ड कर देता है.शिक्षक और छात्र दोनों को तत्काल उपस्थिति रिपोर्ट उपलब्ध हो जाती है.
क्लास और नोटिस अलर्ट
कौन-सी क्लास कब होगी और कब बदलेगी सारी सूचना ऐप पर तुरंत मिलती है. किसी शिक्षक के अनुपस्थित होने या क्लास शिफ्ट होने पर तुरंत नोटिफिकेशन पहुंचता है.
परीक्षा व असाइनमेंट प्रबंधन
किस विषय की परीक्षा कब निर्धारित है, कौन-सा असाइनमेंट कब जमा करना है सब जानकारी एक ही स्थान पर छात्र ऐप पर असाइनमेंट देख और आवश्यकतानुसार सबमिट भी कर सकते हैं.शारीरिक रूप से दिव्यांग है प्रियांशु
प्रियांशु शारीरिक रूप से थोड़ा असुविधाजनक स्थिति में है और पैर से चलने में समस्या रहती है, जिसके कारण उसका बाहर आना-जाना कम होता है. इसी वजह से वह अधिकतर समय कॉलेज के छात्रावास में रहकर अपने आप नए-नए स्किल विकसित करता है. उसका अगला लक्ष्य JEE Mains में सफलता प्राप्त करना है, जिसके लिए वह लगातार तैयारी कर रहा है. .शिक्षक और छात्र का अलग-अलग पैनल शिक्षक पैनल:क्लास रिपोर्ट, फीडबैक, नोटिस जारी करना. छात्र पैनल: उपस्थिति, टाइम-टेबल, नोटिस, परीक्षा तिथि आदि देखना. उच्च स्तरीय सुरक्षा
ऐप को Indus Software द्वारा स्वदेशी तकनीक से वेरीफाई किया गया. यूज़र डेटा सुरक्षित रूप से संग्रहित होता है. किसी भी बाहरी सर्वर पर निजी जानकारी साझा नहीं होती.
प्रियांशु की इस उपलब्धि से न केवल कॉलेज बल्कि पूरा शेखपुरा जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है. ग्रामीण परिवेश, सीमित संसाधन और शारीरिक चुनौती के बावजूद इस छात्र ने सिद्ध कर दिया कि लगन और मेहनत से बड़ा कोई साधन नहीं होता.
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