हरनौत सड़क हादसे की वायरल तस्वीरों की जांच में जुटी नालंदा पुलिस, एडिटेड फोटो फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

Biharsharif News : नालंदा पुलिस हरनौत सड़क हादसे से जुड़ी वायरल तस्वीरों की सत्यता की जांच कर रही है. पुलिस ने दावा किया है कि कुछ तस्वीरें संपादित हैं और इन्हें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

Biharsharif News : हरनौत थाना क्षेत्र में पिछले दिनों पुलिस बोलेरो और मोटरसाइकिल की टक्कर के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही तस्वीरों की सत्यता की जांच नालंदा पुलिस ने शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में वायरल की गई एक तस्वीर संपादित (एडिटेड) प्रतीत हो रही है. इस तस्वीर में घायल युवक के साथ पुलिसकर्मियों के कथित आपत्तिजनक व्यवहार को दर्शाया गया है. पुलिस के अनुसार, भ्रामक और संपादित सामग्री प्रसारित कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है.

हरनौत थाना कांड संख्या-212/26 की हो रही जांच

नालंदा पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, घटना के संबंध में हरनौत थाना कांड संख्या-212/26 दर्ज कर मामले का अनुसंधान किया जा रहा है. जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल फोटो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच की जा रही है. तकनीकी जांच में वायरल तस्वीर के साथ छेड़छाड़ किए जाने के संकेत मिले हैं. हालांकि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है.

बिना पुष्टि के फोटो और वीडियो साझा नहीं करने की अपील

पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी फोटो, वीडियो या संदेश को उसकी सत्यता की पुष्टि किए बिना सोशल मीडिया पर साझा न करें. पुलिस का कहना है कि अफवाह फैलाने या संपादित सामग्री प्रसारित करने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

फर्जी और एडिटेड सामग्री फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक, फर्जी अथवा संपादित फोटो और वीडियो प्रसारित करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है. ऐसे लोगों के विरुद्ध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.

प्रमाणिक जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराने की अपील

नालंदा पुलिस ने नागरिकों से जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार अपनाने की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के पास घटना से संबंधित कोई प्रमाणिक फोटो, वीडियो या अन्य जानकारी है, तो वह उसे सीधे पुलिस को उपलब्ध कराए. इससे मामले की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच में सहायता मिलेगी. पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करने का आग्रह किया है.

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By Sunil kumar

सुनील कुमार वर्ष 2015 से प्रभात खबर, बिहारशरीफ-नालंदा में फोटोग्राफर सह जिला संवाददाता के रूप में पत्रकारिता कर रहे हैं. खबरों की सटीकता, बेहतरीन फोटोग्राफी और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना उनकी पहचान बन चुकी है. पत्रकारिता जीवन में इन्होंने कई दैनिक अखबारों के अलावा डिजिटल मीडिया के लिए भी संवाददाता का कार्य किया है.

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