Sheikhpura News : शेखपुरा किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान दंडाधिकारी कुमारी मिट्ठू रानी की अध्यक्षता में जिला न्यायालय सभाकक्ष में समन्वय बैठक आयोजित की गई. बैठक में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू), पर्यवेक्षण अधिकारी, सीडीपीओ तथा जिले के सभी 17 थानों के बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर
बैठक में किशोरों से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, समय पर चार्जशीट और फाइनल फॉर्म दाखिल करने, एसआईआर निर्धारित समय में उपलब्ध कराने, सभी थानों में चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर स्थापित करने और बच्चों के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा हुई. साथ ही किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श किया गया.
बच्चों के मामलों में नियमों का पालन करने का निर्देश
प्रधान दंडाधिकारी कुमारी मिट्ठू रानी ने सभी थानों को निर्देश दिया कि सामान्य और गंभीर प्रकृति के ऐसे मामलों में, जिनमें केवल बालक ही नामित हो, प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय थाना डायरी में मामला दर्ज कर अभिभावक के साथ बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाए. हालांकि, यदि ऐसे मामलों में किसी वयस्क का भी नाम हो या मामला जघन्य अपराध से संबंधित हो, तो प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सूर्यास्त के बाद यदि किसी बालक को संरक्षण में लिया जाता है, तो किसी भी परिस्थिति में उसे थाने में नहीं रखा जाए. इसकी सूचना तत्काल किशोर न्याय बोर्ड को दी जाए तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से बोर्ड के समक्ष पेश किए जाने तक शॉर्ट स्टे होम में रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
बैठक में किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य मृत्युंजय कुमार, जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक श्वेता कौर तथा अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
