Nalanda News : राजगीर और इसके आसपास के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है. पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने राजकीय डिग्री कॉलेज, राजगीर सहित अपने सात संबद्ध महाविद्यालयों में सत्र 2026-28 से विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम शुरू करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है.
विश्वविद्यालय के कुलपति के आदेश पर अधिसूचना जारी होने के साथ ही लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है. इस निर्णय से अब राजगीर और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पीजी की पढ़ाई के लिए पटना, बोधगया या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.
विभिन्न परिषदों से मिली अंतिम मंजूरी
राजकीय डिग्री कॉलेज, राजगीर के प्राचार्य डॉ. आनंद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय की 21वीं संबंधन एवं नव शिक्षण कार्यक्रम समिति की 10 जनवरी 2026 को हुई बैठक में लिए गए निर्णय को 18वीं विद्वत परिषद, 27वीं अभिषद एवं 10वीं अधिषद से अनुमोदन मिलने के बाद इसे लागू किया गया है.
विभागीय निर्देश के अनुसार प्रत्येक विषय में अधिकतम 30 सीटों पर नामांकन लिया जाएगा. जारी अधिसूचना के अनुसार राजकीय डिग्री कॉलेज, राजगीर में भौतिकी, रसायन विज्ञान, हिंदी, भूगोल, गृह विज्ञान तथा समाजशास्त्र विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित होंगे. इससे क्षेत्र के विज्ञान और कला संकाय के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा.
इन अन्य छह कॉलेजों में भी होगी पीजी की पढ़ाई
विश्वविद्यालय ने अन्य छह महाविद्यालयों में भी विभिन्न विषयों में पीजी पाठ्यक्रमों की मंजूरी दी है. इसके तहत महिला महाविद्यालय, खगौल में अंग्रेजी, हिंदी, अर्थशास्त्र, इतिहास, मनोविज्ञान, राजनीति विज्ञान, भूगोल, गृह विज्ञान एवं समाजशास्त्र; रामकृष्ण द्वारिका महाविद्यालय, पटना में अंग्रेजी एवं जंतु विज्ञान; बिंदेश्वर सिंह कॉलेज, दानापुर में हिंदी, भौतिकी एवं रसायन विज्ञान; श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज, पटना सिटी में हिंदी, उर्दू, राजनीति विज्ञान,
अर्थशास्त्र एवं मनोविज्ञान; जेएनएल कॉलेज, खगौल में इतिहास, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, भौतिकी, वनस्पति विज्ञान एवं हिंदी तथा मालतीधारी कॉलेज, नौबतपुर में अंग्रेजी, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं जंतु विज्ञान विषयों में स्नातकोत्तर कक्षाएं संचालित की जाएंगी.
समय पर तैयारियां पूरी करने का निर्देश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों को आवश्यक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं आधारभूत तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है, ताकि नए शैक्षणिक सत्र से नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन शुरू हो सके.
शिक्षा जगत का मानना है कि इस निर्णय से पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय क्षेत्र में उच्च शिक्षा का दायरा व्यापक होगा तथा ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को अपने घर के निकट गुणवत्तापूर्ण स्नातकोत्तर शिक्षा का लाभ मिल सकेगा.
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