रविवार की शाम आई आंधी पानी से सहमे लोग

जिले में रविवार की शाम आई तेज आंधी बारिश ने एक बार फिर लोगों को डरा दिया. शाम ढलते ही पछुआ हवा की रफ्तार बढने लगी तथा कुछ ही देर मेें जिले के अधिकांश क्षेत्रों में धूल भरी आंधी चलने लगी.

बिहारशरीफ. जिले में रविवार की शाम आई तेज आंधी बारिश ने एक बार फिर लोगों को डरा दिया. शाम ढलते ही पछुआ हवा की रफ्तार बढने लगी तथा कुछ ही देर मेें जिले के अधिकांश क्षेत्रों में धूल भरी आंधी चलने लगी. शाम होते ही आसमान में तेज गर्जन के साथ बरसात और बिजली गिरनी शुरू हो गई. बरसात का खौफनाक दृश्य देख कर लोगों को विगत 10 अप्रैल को आई भीषण आंधी पानी की आशंका होने लगी. जिससे लोग सहमकर घरों में दुबकने को मजबूर हो गये. लगभग आधे घंटे तक तेज गरज के साथ बारिश होने से चारों ओर पानी और कीचड़ फैल गया. फुटपाथों पर सजी नाश्ते पानी की दुकानदारों को मजबूरी में अपना अपना ठेला छोड़कर भागना पड़ा. इससे उन्हें खाने-पीने की चीजों का भी नुकसान हुआ है. इस आंधी पानी से एक तरफ जहां किसानों को भारी नुकसान हुआ, वही जिले में बढ़ते तापमान पर भी ब्रेक लग गया . विगत शुक्रवार तथा शनिवार को जिले में भारी गर्मी पड़नी शुरू हुई थी. लोगों को आशंका था कि अब यह गर्मी और बढ़ते चली जाएगी. लेकिन रविवार को हुई बारिश से शनिवार को भी जिले वासियों को गर्मी से राहत का एहसास हुआ. हालांकि बार-बार आने वाली आंधी पानी से जिले के किसान माथा पीट रहे हैं. अभी भी बड़ी संख्या में किसानों की रवि फसल गेहूं के साथ-साथ प्याज आदि खेतों और खलिहानों में ही पड़े हुए हैं. जिसके बरसात में भीगने से सड़ने की आशंका बढ़ गई है. फसल के भींगने से उसका रंग भी काला पड़ गया है. इससे उनका बाजार भाव कम होने की आशंका बढ़ गई है. कई किसानों ने बताया कि इस बार किसानों की तैयार फसल घर तक पहुंचने में बार-बार आफत आ रही है. इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. हालांकि मौसम की भविष्यवाणी के अनुसार जिले में अभी दो दिन और आंधी पानी की संभावना है. ऐसे में जिले के किसान काफी चिंतित नजर आ रहे हैं. इसके पूर्व जिले के किसान आग लगी की घटनाओं से परेशान हो रहे थे खेतों में तैयार गेहूं की फसलों में विभिन्न कर्म से आज लगकर भी जीने के किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है. अब इन दिनों बेमौसम की बरसात किसानों की फसलों पर आफत बनकर बरस रही है. इससे जिले के किसानों के हौसले पस्त हो रहे हैं. एक तो खेती किसानी जैसे परिश्रम वाले कार्य से जिले के युवा दूर होते जा रहे हैं. इससे किसानों को मजदूरों की समस्या बनी रहती है. ऊपर से बारिश तथा अगलगी की घटनाओं से किसानों की जमा पूंजी भी बर्बाद हो जाती है.

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Published by: Santosh kumar singh

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