नालंदा : महीनों से सूखी थी पैमार नदी, पानी लौटते ही खिले किसानों के चेहरे; पांच प्रखंडों को मिलेगी राहत

नालंदा के बेन प्रखंड से होकर गुजरने वाली पैमार नदी में लंबे समय बाद पानी लौट आया है. इससे भू-जलस्तर गिरने और जल संकट से जूझ रहे किसानों के चेहरों पर खुशी है. नदी में पानी से धान की रोपनी और सिंचाई में सुविधा होगी, जिससे खेती-किसानी को नई संजीवनी मिलने की उम्मीद है.

Paimar River Nalanda : नालंदा जिले के बेन प्रखंड से होकर गुजरने वाली पैमार नदी में अचानक पानी आ जाने से किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है. लंबे समय से भू-जलस्तर में लगातार गिरावट और जल संकट से जूझ रहे किसानों के चेहरों पर नदी में पानी की धारा बहने के बाद राहत और उत्साह साफ देखा जा रहा है.

पिछले कई महीनों से पैमार नदी सूखी पड़ी थी, जिससे खेतों की सिंचाई और दैनिक कृषि कार्यों में किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. अब नदी में पानी की कल-कल धारा प्रवाहित होने से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है.

पांच प्रखंडों के किसान नदी पर निर्भर

पैमार नदी पर केवल बेन ही नहीं, बल्कि इस्लामपुर, सिलाव, राजगीर एवं परवलपुर प्रखंडों के हजारों किसान प्रत्यक्ष रूप से निर्भर हैं. यह नदी इन प्रखंडों के लिए जीवन रेखा मानी जाती है. लंबे समय से पानी की समस्या से परेशान किसानों के लिए नदी में पानी का लौटना किसी वरदान से कम नहीं है.

धान की रोपनी में मिलेगी सुविधा

स्थानीय किसानों ने बताया कि नदी में पानी आने से धान की रोपनी और अन्य फसलों की सिंचाई में बड़ी सुविधा होगी.

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खेती-किसानी को मिलेगी नई संजीवनी

बेन प्रखंड के रन्नु बिगहा गांव के किसान सुधीर कुमार व किशोर प्रसाद, हरिओमपुर गांव निवासी रामवृक्ष प्रसाद व सेवानिवृत्त शिक्षक व किसान जनार्दन प्रसाद व सोनी प्रसाद ने बताया कि नदी में पानी आने से सिंचाई में बड़ी राहत मिलेगी.

किसानों को उम्मीद है कि नदी में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहने से खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आएगी और जल संकट से काफी हद तक राहत मिलेगी.

भू-जलस्तर में सुधार की संभावना

भू-जलस्तर में भी सुधार होने की संभावना जताई जा रही है. पैमार नदी में जलधारा आने से पूरे बेन अंचल के किसानों में जश्न जैसा माहौल है.

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लेखक के बारे में

By रंजीत सिंह

रणजीत सिंह ने वर्ष 2006 में प्रिंट मीडिया से पत्रकारिता की शुरूआत की. वर्तमान में प्रभात खबर के बिहारशरीफ कार्यालय से जुड़कर कार्य कर रहे हैं. 19 वर्ष के पत्रकारिता जीवन में कई लिडिंग दैनिक अखबारों के अलावा डिजिटल मीडिया के लिए भी संवाददाता के तौर पर कार्य किया है. स्वास्थ्य, नगर निकाय, कृषि, बिजली, नियोजनालय, पशुपालन एवं गव्य विकास विषयों पर नियमित खबर लिख रहे हैं.

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