छात्राओं से वसूली गयी अवैध शुल्क की वापसी का आदेश

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के निरंतर संघर्ष और छात्रहित में की गई पहल का प्रभाव अब ज़मीनी स्तर पर साफ़ दिखने लगा है.

बिहारशरीफ. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के निरंतर संघर्ष और छात्रहित में की गई पहल का प्रभाव अब ज़मीनी स्तर पर साफ़ दिखने लगा है. पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह द्वारा 20 जून को किए गए औचक निरीक्षण के बाद नालंदा महिला कॉलेज सहित जिले के अन्य कॉलेजों में अव्यवस्था और अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई की गई है. अभाविप के नालंदा जिला संयोजक प्रतीक राज ने बताया कि उन्होंने नालंदा महिला कॉलेज में छात्राओं से ₹25 की जगह ₹2500 तक की अनावश्यक और अवैध शुल्क वसूली को लेकर कुलपति को कई बार ज्ञापन सौंपा था. इस मुद्दे को लेकर लगभग 200 छात्राओं के साथ अभाविप ने कॉलेज प्राचार्य के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन भी किया था. प्रतीक राज के अनुसार, इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कुलपति ने बिना पूर्व सूचना के नालंदा जिले के विभिन्न कॉलेजों का निरीक्षण किया, जिसमें वे नालंदा महिला कॉलेज भी पहुँचे. वहां उन्होंने खुद छात्राओं से बातचीत कर रसीदों की जांच की और पाया कि छात्रों से अवैध शुल्क वसूला गया है. इस पर कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह ने तुरंत निर्देश जारी करते हुए कहा कि नामांकन शुल्क पूरी तरह माफ किया जाए और जिन छात्राओं से शुल्क वसूला गया है, उन्हें राशि वापस की जाय. कुलपति के निर्देश के बाद कॉलेज प्रशासन ने आधिकारिक पत्र जारी कर छात्रों को सूचना दी और शुल्क वापसी की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है. इससे न केवल छात्राओं को राहत मिली है, बल्कि उनके परिजनों और समाज में भी संतोष का वातावरण बना है. प्रतीक राज ने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा यह जीत छात्र संघर्ष की है. कुलपति ने छात्रहित में जो संवेदनशीलता दिखाई है, उसके लिए पूरा नालंदा आभार व्यक्त करता है. अभाविप हमेशा छात्रों के अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Santosh kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >