नालंदा में एक साल बाद मिला बिछड़ा बेटा, परिवार में लौटी खुशियां

Nalanda News : नालंदा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की मानवीय पहल ने एक परिवार को बड़ी राहत दी है. करीब एक वर्ष से लापता मानसिक रूप से बीमार युवक का पता लगाकर उसे परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

Nalanda News : (सुनील कुमार) नालंदा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की मानवीय पहल ने एक परिवार को बड़ी राहत दी है. करीब एक वर्ष से लापता मानसिक रूप से बीमार युवक का पता लगाकर उसे परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है. बेटे के बारे में जानकारी मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है और लंबे इंतजार के बाद उम्मीद की किरण जगी है.

एक साल से बेटे की तलाश में भटक रहा था परिवार

जानकारी के अनुसार राजगीर के छोटी कचहरी निवासी राजू पासवान पिछले एक वर्ष से लापता था. परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था. बेटे के अचानक गायब हो जाने से परिवार गहरे सदमे में था.

DLSA के निर्देश पर शुरू हुई खोजबीन

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नालंदा के सचिव सह सब जज राजेश कुमार गौरव के निर्देश पर पारा विधिक स्वयंसेवकों (PLV) द्वारा युवक की खोजबीन शुरू की गई. इस दौरान विभिन्न स्तरों पर जानकारी जुटाई गई और उसकी तलाश के लिए प्रयास तेज किए गए.

कोईलवर के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में मिला युवक

जांच के दौरान पता चला कि राजू पासवान बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान, कोईलवर (भोजपुर) में इलाजरत है. यह जानकारी मिलते ही डीएलएसए नालंदा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक के परिजनों से संपर्क स्थापित किया और पूरी जानकारी साझा की.

दूसरे जिले के प्राधिकार से भी किया गया समन्वय

मामले को आगे बढ़ाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार नालंदा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार आरा से भी संपर्क किया. दोनों संस्थाओं के समन्वय से युवक को सुरक्षित रूप से परिवार तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई.

परिवार से मिलाने की प्रक्रिया हुई शुरू

डीएलएसए सचिव राजेश कुमार गौरव ने बताया कि भूले-बिसरे बच्चों और मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों को उनके परिवारों तक पहुंचाना प्राधिकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है. इसी उद्देश्य से राजू पासवान के परिवार को सूचना देकर उसे घर वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

बेटे की खबर मिलते ही भावुक हुए परिजन

सूचना मिलने के बाद राजू पासवान के पिता अरविंद पासवान और उनके बड़े पुत्र डीएलएसए कार्यालय पहुंचे. वहां अधिकारियों ने उन्हें युवक की स्थिति और उससे जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध कराईं. परिवार ने उसे वापस घर लाने के लिए अपनी सहमति भी दे दी.

एक साल बाद जागी उम्मीद की नई किरण

अपने बेटे के बारे में जानकारी मिलने पर अरविंद पासवान भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से पूरा परिवार राजू की तलाश में लगा था, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल रही थी. अब उसके मिलने की खबर से परिवार में खुशी का माहौल है और जल्द ही उसे घर वापस लाया जाएगा.

मानवीय पहल की हो रही सराहना

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है. लोगों का कहना है कि ऐसे प्रयास न केवल बिछड़े लोगों को उनके परिवारों से मिलाते हैं, बल्कि टूट चुकी उम्मीदों को भी फिर से जीवित कर देते हैं.

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By Vivek Singh

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