Nalanda News (रामविलास की रिपोर्ट)
Rajgir Malmas Mela 2026: अध्यात्म, आस्था और सनातन परंपरा का विराट संगम बना राजकीय मलमास मेला 2026 सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चारण, धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धालुओं की भावभीनी विदाई के साथ संपन्न हो गया. एक माह तक चले इस विश्वविख्यात धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से पहुंचे करीब चार करोड़ श्रद्धालुओं ने ब्रह्मकुंड सहित विभिन्न पवित्र कुंडों में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया. पुरुषोत्तम मास के दौरान राजगीर की पंच पहाड़ियां, मंदिर, मठ और साधु-संतों के आश्रम श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगे रहे.
एक माह तक आस्था और अध्यात्म का बना रहा केंद्र
मलमास मेले के दौरान प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु ब्रह्मकुंड, सप्तधारा और अन्य पवित्र जलस्रोतों में स्नान, पूजा-अर्चना, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए. सुबह से देर रात तक शंखनाद, घंटियों की ध्वनि, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा राजगीर आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर रहा. साधु-संतों के प्रवचन, यज्ञ, कथा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का कार्य किया.
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में प्रशासन की बड़ी भूमिका
मेला प्रशासन के अनुसार इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए. मेले की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब पांच हजार पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी. पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, कंट्रोल रूम और पुलिस गश्ती दल सक्रिय रहे. कानून-व्यवस्था भंग करने के विभिन्न मामलों में 237 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 50 से अधिक लोगों को एहतियातन डिटेन किया गया. वहीं यातायात नियमों के उल्लंघन पर 312 वाहनों से करीब साढ़े पांच लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया.
भावुक विदाई के साथ अगले मलमास का इंतजार
मलमास मेला के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने ब्रह्मकुंड में स्नान कर भगवान विष्णु का दर्शन-पूजन किया. कई श्रद्धालुओं की आंखें नम दिखीं और उन्होंने अगले मलमास में पुनः राजगीर आने की कामना की. आस्था, अनुशासन और प्रशासनिक कुशलता के सफल समन्वय के साथ संपन्न हुआ राजकीय मलमास मेला 2026 राजगीर के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव की अविस्मरणीय छाप छोड़ गया.
