Nalanda News: नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल कार्यालय में बुधवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अनुमंडल कार्यालय के प्रधान लिपिक नीलम चौधरी को 22 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. इस विशेष कार्रवाई के दौरान मौके से सुनील चौधरी नामक एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है. निगरानी डीएसपी संजय कुमार ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि हिलसा इलाके के रहने वाले दिलीप नारायण सिंह से हिलसा एसडीओ कार्यालय में लंबित वाद संख्या 433/M/2022 मामले के त्वरित निष्पादन के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी.
निगरानी की टीम ने बिछाया था जाल
पीड़ित दिलीप नारायण सिंह द्वारा इस भ्रष्ट आचरण के खिलाफ बीते 19 जून 2026 को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से एक लिखित शिकायत की गई थी. शिकायत मिलने के बाद विभाग द्वारा गोपनीय तरीके से इसका भौतिक सत्यापन कराया गया, जिसमें मामला पूरी तरह सत्य पाया गया. इसके बाद निगरानी मुख्यालय के निर्देश पर एक विशेष धावा दल का गठन किया गया और निगरानी की टीम ने अनुमंडल कार्यालय में योजनाबद्ध तरीके से अपना जाल बिछाया.
रंगे हाथ दबोचे गए आरोपी
बुधवार को जैसे ही शिकायतकर्ता दिलीप नारायण सिंह ने तय रिश्वत की राशि विधि शाखा कार्यालय में मौजूद पेशकार नीलम चौधरी को सौंपी, वैसे ही सादे लिबास में तैनात निगरानी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया. इस दौरान उक्त पेशकार के सहयोगी की भूमिका निभा रहे सुनील चौधरी को भी तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. इस बड़ी कार्रवाई के बाद निगरानी की टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ लेकर आगे की सघन पूछताछ एवं जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया के लिए पटना रवाना हो गई.
कार्यालय में मची अफरा-तफरी
इस छापेमारी के बाद अनुमंडल कार्यालय परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल कायम रहा और वहां मौजूद आम लोगों की भारी भीड़ जुट गई. इस सफल मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा निगरानी थाना में कांड संख्या 78/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. इस जाल बिछाने वाले धावा दल में मुख्य रूप से डीएसपी शशिशेखर कुमार, इंस्पेक्टर डीएल श्रीवास्तव, आशीष चौबे, राहुल कुमार सहित निगरानी विभाग के अन्य सशस्त्र बल मौजूद थे.
Also Read: राजगीर में केंद्रीय विद्यालय का सपना होगा साकार, बिहार कैबिनेट की मंजूरी से निर्माण का रास्ता साफ
