Naland News (कंचन कुमार): वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के तहत संचालित ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ कार्यक्रम के अंतर्गत नालंदा जिले में प्रस्तावित 9 डिग्री महाविद्यालयों के संचालन को लेकर बुधवार को जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में चिन्हित शैक्षणिक संस्थानों में आवश्यक निर्माण, जीर्णोद्धार एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई.
डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों एवं प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि महाविद्यालय संचालन के लिए आवश्यक वर्गकक्ष, भवन, परिसर विकास तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी की जानी चाहिए ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके.
जरूरी संसाधन जुटाने का निर्देश
बैठक में शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए फर्नीचर, उपस्कर एवं स्टेशनरी सामग्री की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया. इस दौरान नगर आयुक्त, प्रभारी उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, वरीय कोषागार पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत संबंधित प्रधानाध्यापक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे. अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी स्तर पर तैयारियों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
इन प्रखंडों में खुलेंगे कॉलेज
नालंदा जिले के रहुई, नूरसराय, बिंद, नगरनौसा, कतरीसराय, थरथरी, करायपरशुराय, परवलपुर एवं सरमेरा प्रखंडों के नौ शैक्षणिक संस्थानों को डिग्री कॉलेज संचालन के लिए चिन्हित किया गया है. इन संस्थानों में आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित कर उच्च शिक्षा की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी.
ग्रामीण छात्रों को होगा बड़ा लाभ
जिले के विभिन्न प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित होने से ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इससे नामांकन दर में वृद्धि होने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध होंगे. विशेषकर छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में इससे काफी सहूलियत मिलेगी.
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