Nalanda News(रणजीत सिंह): नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ नगर निगम प्रशासन की ओर से कर्मचारियों के हित में एक बेहद आधुनिक और बड़ा फैसला सामने आया है. नगर निगम के सफाई कर्मियों को पिछले लंबे समय से बायोमेट्रिक (अंगूठे वाली) हाजिरी बनाने में आ रही तकनीकी परेशानियों से अब हमेशा के लिए निजात मिलने जा रही है. नगर निगम प्रशासन ने पूरी व्यवस्था को डिजिटल और सुचारु बनाने के लिए अब ‘फेस आईडी अटेंडेंस सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है. इसके तहत सफाई कर्मियों का डेटा बेस तैयार करने और फेस आईडी बनाने का काम सोमवार से आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है.
हाथों में धूल-मिट्टी लगने से नहीं मिलती थी हाजिरी, कट जाता था वेतन
इस नई हाई-टेक व्यवस्था को लेकर विस्तार से जानकारी देते हुए नगर निगम के अपशिष्ट व स्वच्छता पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि फील्ड में काम करने वाले सफाई कर्मियों को बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी दर्ज करने में काफी मानसिक और शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. दिन भर साफ-सफाई, ड्रेनेज क्लियरेंस और कचरा उठाने के कारण कर्मियों के हाथों पर धूल, मिट्टी, केमिकल और पानी लग जाता था, जिससे फिंगरप्रिंट मशीन कई बार उनके अंगूठे या उंगलियों के निशान को स्कैन नहीं कर पाती थी. ड्यूटी पर रहने के बावजूद मशीन में हाजिरी दर्ज न होने से कर्मियों की अनुपस्थिति (एब्सेंट) लग जाती थी, जिससे उनके मासिक वेतन कटने की नौबत आ जाती थी और आए दिन विवाद होते थे.
मशीन को छूने की जरूरत नहीं, चेहरा सामने आते ही सेकंडों में दर्ज होगी उपस्थिति
स्वच्छता पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि सोमवार से नगर निगम कार्यालय के मुख्य भवन में चरणबद्ध तरीके से सभी सफाई कर्मियों का फेस स्कैन कर डिजिटल आईडी तैयार की जा रही है. इस नई प्रणाली के लागू होने से न केवल हाजिरी की पूरी प्रक्रिया बेहद आसान और तेज हो जाएगी, बल्कि निगम के कामकाज में पारदर्शिता भी आएगी. अब कर्मियों को मशीन पर हाथ लगाने या बार-बार अंगूठा घिसने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि कैमरे के सामने चेहरा आते ही सेकंडों में उनकी उपस्थिति दर्ज हो जाएगी. इससे समय की भारी बचत होगी.
सफाई कर्मियों ने ली राहत की सांस, सुदृढ़ होगी शहर की स्वच्छता व्यवस्था
जैसे ही इस नई और आसान व्यवस्था की जानकारी सफाई कर्मियों को मिली, उन्होंने नगर निगम प्रशासन के इस फैसले का स्वागत करते हुए राहत की सांस ली है. सफाई कर्मियों का कहना है कि बायोमेट्रिक मशीन के कारण रोजाना सुबह-शाम होने वाली झंझट अब खत्म हो जाएगी और उनका वेतन भी समय पर सुरक्षित मिलेगा.
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने वाले इस कदम से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि बिहारशरीफ शहर की संपूर्ण स्वच्छता और साफ-सफाई व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत और समयबद्ध हो सकेगी. इस फेस आईडी सिस्टम के पूरी तरह चालू होने के बाद हाजिरी में किसी भी प्रकार की मैन्युअल गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की गुंजाइश न के बराबर रह जाएगी.
Also Read: नालंदा में खूनी भिड़ंत, खेत में ट्रैक्टर लगाने के विवाद में एक ही परिवार के 8 लोग घायल
