Nalanda News : (कंचन कुमार) नालंदा जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है. जिले के कुल 4 लाख 22 हजार 783 पेंशनधारियों में अब तक केवल 3 लाख 2 हजार 690 लाभुकों का ही सत्यापन हो पाया है, जबकि करीब 1 लाख 19 हजार 985 लाभुक अब भी प्रक्रिया से वंचित हैं. ऐसे में हजारों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन रुकने का खतरा बढ़ गया है.
अब तक सिर्फ 71.59 प्रतिशत लाभुकों का हुआ प्रमाणीकरण
सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के अनुसार 22 दिसंबर 2025 से अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक केवल 71.59 प्रतिशत लाभुकों का ही ई-लाभार्थी पोर्टल पर जीवन प्रमाणीकरण पूरा हो सका है. विभाग ने साफ किया है कि तय समय सीमा के भीतर सत्यापन नहीं कराने वाले लाभुकों की पेंशन भुगतान प्रक्रिया बाधित की जा सकती है. पंचायत स्तर के सीएससी केंद्रों और प्रखंड कार्यालयों में यह सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करायी गई है.
राजगीर सबसे पीछे, करायपरसुराय सबसे आगे
प्रखंडवार रिपोर्ट में राजगीर सबसे पीछे चल रहा है, जहां केवल 63.06 प्रतिशत लाभुकों का ही सत्यापन हुआ है. बिहारशरीफ में 65.72 प्रतिशत और रहुई में 67.78 प्रतिशत प्रमाणीकरण दर्ज किया गया है. वहीं करायपरसुराय 77.68 प्रतिशत और एकंगसराय 77.61 प्रतिशत सत्यापन के साथ जिले में सबसे आगे हैं.
बिहारशरीफ में सबसे ज्यादा मामले लंबित
जिले में सबसे अधिक 18 हजार 715 लाभुकों का जीवन प्रमाणीकरण बिहारशरीफ प्रखंड में लंबित है. इसके अलावा नूरसराय में 9 हजार 218, इस्लामपुर में 8 हजार 893 और हिलसा में 8 हजार 660 लाभुकों का सत्यापन अब तक पूरा नहीं हो सका है. प्रशासन ने सभी पेंशनधारियों से जल्द प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है.
पेंशन में देरी से बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी
अप्रैल माह की पेंशन राशि अब तक खाते में नहीं पहुंचने से बुजुर्गों में बेचैनी बढ़ गई है. लाभुकों का कहना है कि दवा, दूध और रोजमर्रा की जरूरतें इसी पेंशन राशि पर निर्भर हैं. ऐसे में भुगतान में देरी से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है. प्रशासन की ओर से अब तक पेंशन भुगतान को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी जारी नहीं की गई है.
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