नालंदा: गणित-विज्ञान मेले से निखरेगी बच्चों की वैज्ञानिक सोच, नवाचार की प्रतिभा को मिलेगा मंच, राजगीर में प्रांतीय मेला शुरू

राजगीर में आयोजित प्रांतीय गणित-विज्ञान मेले का उद्घाटन हुआ. इस मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रदर्शित करना और उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित करना है. कमांडेंट प्रदुम्न कुमार ने बच्चों को विज्ञान को दैनिक जीवन से जोड़ने पर जोर दिया.

Nalanda Math-Science Fair: गणित-विज्ञान मेला विद्यार्थियों की प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच होने के साथ नई पीढ़ी में तर्क, जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम है. यह बात सीआरपीएफ कमांडेंट प्रदुम्न कुमार ने रविवार को राजगीर के पीटीजेएम सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय प्रांतीय गणित-विज्ञान मेले के उद्घाटन के दौरान कही. दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया गया. मेले में करीब 900 बाल वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं.

विज्ञान को किताबों से निकालकर दैनिक जीवन से जोड़ने पर जोर

कमांडेंट प्रदुम्न कुमार ने कहा कि बच्चों को विज्ञान की किताबों तक सीमित रखने के बजाय उसे दैनिक जीवन से जोड़ना जरूरी है. प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान को समझने की क्षमता बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे सकती है.

उन्होंने कहा कि किसी घटना को देखकर केवल उसे याद कर लेना पर्याप्त नहीं है. बच्चों में यह जानने की आदत विकसित होनी चाहिए कि कोई चीज क्या है, क्यों होती है और कैसे होती है. यही वैज्ञानिक दृष्टिकोण की बुनियाद है.

गणित-विज्ञान मेला में प्रदर्शन का निरीक्षण करते कमांडेंट,एसपी, प्राचार्य एवं अन्य

तर्क के साथ कल्पनाशक्ति और स्मरण शक्ति भी जरूरी

कमांडेंट ने तार्किक चिंतन के साथ कल्पनाशक्ति और स्मरण शक्ति को भी महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि मस्तिष्क के इन पहलुओं का संतुलित विकास सीखने की क्षमता को मजबूत करता है. विद्यार्थियों को एकाग्रता और ध्यान के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि मन जितना व्यवस्थित और केंद्रित होगा, सीखने और समझने की क्षमता उतनी ही प्रभावी होगी.

विज्ञान मेले में सवाल और प्रयोग का अवसर

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आयोजित होने वाले ऐसे मेले बच्चों को सवाल पूछने, प्रयोग करने और अपनी सोच को परखने का अवसर देते हैं. यही अनुभव भविष्य में वैज्ञानिक, शोधकर्ता और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की नींव बनेगा. उन्होंने शिक्षकों की मेहनत की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से विज्ञान को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया.

विज्ञान और गणित के रचनात्मक प्रदर्श का किया निरीक्षण

मेले में विद्यार्थियों की ओर से विज्ञान, संगणक, गणित समेत विभिन्न विषयों से जुड़े रचनात्मक और नवाचारपरक प्रदर्श लगाये गये हैं. कमांडेंट प्रदुम्न कुमार, एसपी हृदय कांत, प्राचार्य अनंत कुमार सिन्हा एवं अन्य अतिथियों ने प्रदर्शों का निरीक्षण किया.

विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच बढ़ाते हैं ऐसे आयोजन

अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य अनंत कुमार सिन्हा ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ावा देते हैं. बच्चों को किताबों तक सीमित न रहकर प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलता है. मेले में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडल उनकी प्रतिभा, कौशल और नवाचार की झलक दिखाते हैं.

गणित-विज्ञान मेला में प्रदर्शन का निरीक्षण करते कमांडेंट,एसपी, प्राचार्य एवं अन्य

75 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान कर रही विद्या भारती

गया विभाग के निरीक्षक एवं प्रतियोगिता के संरक्षक उमाशंकर पोद्दार ने कहा कि विद्या भारती बीते 75 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर योगदान दे रही है. उच्च शिक्षा में भी संस्था ने विस्तार किया है. देशभर में दो विश्वविद्यालय, 27 आईटीआई, 250 बीएड कॉलेज समेत करीब 30 हजार शिक्षण संस्थान संचालित किये जा रहे हैं.

पटना विभाग के प्रवासी कार्यकर्ता सुमन कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन मुंगेर विभाग के निरीक्षक सतीश कुमार सिन्हा ने किया.

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में प्रवासी कार्यकर्ता गंगा चौधरी, क्षेत्रीय विज्ञान प्रमुख संजय कुमार सिंह, प्रांतीय वैदिक गणित प्रमुख नवनीत चंद्र, लोहा कुमार, नरेश कुमार पाहुजा, विपिन आश्क, डॉ. प्रमोद कुमार समेत विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By रामविलास प्रसाद

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >