Nalanda Janta Darbar(कांचन कुमार): नालंदा जिले के नागरिकों को सरकारी व्यवस्था और राजस्व मामलों में त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है. बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिला पदाधिकारी (DM) कुंदन कुमार ने शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में कुल 14 संवेदनशील मामलों की गहन सुनवाई की. इस हाई-लेवल सुनवाई के दौरान कई पुरानी शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन कर दिया गया, जबकि पेचीदा मामलों में संबंधित अधिकारियों को कड़े समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया गया.
हल्का कर्मचारी पर गिरेगी गाज, गलत परिमार्जन और जमाबंदी विवाद सुलझे
डीएम की इस विशेष अदालत में जो मामले सबसे ज्यादा हावी रहे, वे जमीन-जगाती, अंचल कार्यालयों की मनमानी और अतिक्रमण से जुड़े हुए थे. सुनवाई के दौरान कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले हल्का कर्मचारी पर सीधे विभागीय कार्रवाई करने, आम रास्तों को अवरुद्ध करने वाले दबंगों पर शिकंजा कसने और अंचल स्तर पर किए गए गलत परिमार्जन को तुरंत सुधारने के कड़े आदेश दिए गए. परिवादी विमलेश कुमार, रविंद्र प्रसाद, सर्वोत्तम कुमार, मृत्युंजय कुमार, मनोज कुमार, आशुतोष सिंह, घनश्याम यादव, अमित कुमार और राम नरेश सिंह द्वारा दर्ज कराए गए जमाबंदी विवाद और अतिक्रमण हटाने से संबंधित आवेदनों पर डीएम कुंदन कुमार ने तत्काल प्रभाव से आवश्यक आदेश जारी कर शिकायतों का अंतिम रूप से निपटारा कर दिया.
बिजली पोल, नाली निर्माण और जलस्रोतों पर अवैध कब्जे की भी हुई स्क्रूटनी
| परिवादी का नाम | शिकायत का मुख्य विषय | वर्तमान स्थिति व प्रशासनिक एक्शन |
| राजेश सिंह व मनीष कुमार | सड़क, नाली निर्माण व विकास कार्य | मामले का पूरी तरह निष्पादन किया गया |
| अन्य पीड़ित नागरिक | बिजली पोल हटाना व जलस्रोत अतिक्रमण | अगली तारीख मुकर्रर, बिजली विभाग को नोटिस |
विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करते हुए डीएम ने सड़क एवं नाली निर्माण से जुड़ी शिकायतों को तुरंत सुलझाया. हालांकि, जिन मामलों में ग्रामीण इलाकों से खेतों के बीच से बिजली का पोल हटाने, जलस्रोत (आहार-पाइन या पोखरा) की सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण और हाई-वोल्टेज विद्युत संचरण से संबंधित तकनीकी आपत्तियां थीं, उनके लिए अगली सुनवाई की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है.
शीघ्र कार्रवाई न होने पर होगी कड़ी कार्रवाई, बैठक में मौजूद रहे आला अफसर
जिला अधिकारी ने बैठक में मौजूद जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सहित विभिन्न तकनीकी और राजस्व विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लोक शिकायत निवारण अधिनियम का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का पारदर्शी और त्वरित समाधान करना है.
यदि किसी भी विभाग द्वारा डीएम स्तर से जारी किए गए आदेशों को तामील करने में ढिलाई या कोताही बरती गई, तो संबंधित विभागाध्यक्ष और अंचलाधिकारी के खिलाफ सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी. इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान जिले के कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी और फरियादी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
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