Nalanda News : नालंदा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रविवार, 30 अगस्त 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया. स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) को वर्ष 2030 तक हासिल करने के उद्देश्य से आयोजित इस विशेष ग्राम सभा की थीम 'सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सुरक्षित गांव' रही.
ग्राम सभा में पंचायतों के समग्र, समावेशी और टिकाऊ विकास को लेकर ग्रामीणों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया गया तथा सामाजिक न्याय और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विकास की प्राथमिकताएं तय की गईं.
केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा
विशेष ग्राम सभा में थीम से जुड़े विषयों के अलावा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई. योजनाओं के क्रियान्वयन, अब तक हुई प्रगति, लाभुकों को मिल रहे लाभ और लंबित कार्यों की जानकारी ग्रामीणों के समक्ष साझा की गई.
इसके साथ ही पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं में आ रही समस्याओं और उनके समाधान को लेकर भी चर्चा की गई.
स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर जोर
ग्राम सभा में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान से संबंधित विषयों को भी प्रमुखता दी गई. गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट के उचित प्रबंधन और खुले में शौच मुक्त परिवेश को बनाए रखने पर चर्चा हुई.
ग्रामीणों से स्वच्छता को नियमित व्यवहार का हिस्सा बनाने की अपील की गई और पंचायतों को साफ-सुथरा रखने में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया.
ग्रामीणों की समस्याएं व शिकायतें पोर्टल पर होंगी दर्ज
विशेष ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों से प्राप्त विभिन्न समस्याओं, आवश्यकताओं और मांगों से संबंधित आवेदनों को चिन्हित किया गया. इन मामलों को पंचायत विकास दिवस पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया भी की गई.
ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों को संबंधित विभागों तक 'एस्पिरेशन/ग्रिवांस' के रूप में भेजा जाएगा, ताकि संबंधित विभाग नियमानुसार उनके निष्पादन की कार्रवाई कर सकें.
2030 के लक्ष्य की दिशा में पंचायतों को आगे बढ़ाने का प्रयास
विशेष ग्राम सभा का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाते हुए स्थानीय समस्याओं की पहचान करना, विकास योजनाओं की प्राथमिकता तय करना और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना है.
ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों को विकास की प्रक्रिया में सीधे सहभागी बनाने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही, वर्ष 2030 तक स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पंचायतों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.
