Nalanda DM Udita Singh : नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड के भ्रमण एवं निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी उदिता सिंह ने प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया. इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक कर क्षेत्र की समस्याओं, विकास कार्यों और प्रशासन से जुड़ी शिकायतों की जानकारी ली.
बैठक में मुख्य मार्गों व सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण, तालाब-आहर-पोखर व पइन की जमीन पर कब्जा, नलकूपों के रखरखाव, विद्यालयों की समस्याओं और अधिकारियों द्वारा फोन पर उचित प्रतिक्रिया नहीं देने के मामले उठे. डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान का निर्देश दिया.
पंचायतों और नलकूपों की व्यवस्था पर निर्देश
पंचायत भवनों की स्थिति की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित करने का निर्देश दिया गया. वहीं सभी नलकूपों का 15 दिनों के अंदर निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराने को कहा गया.
उपलब्ध राशि वाले कार्यों का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने का भी निर्देश दिया गया. विद्यालयों में अतिक्रमण की शिकायतों की जांच जिला शिक्षा पदाधिकारी को करने को कहा गया.
महिला जनप्रतिनिधियों की स्वयं उपस्थिति पर जोर
बैठक में कई महिला जनप्रतिनिधियों की जगह उनके प्रतिनिधियों द्वारा बात रखने पर डीएम ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों की वास्तविक भागीदारी तभी सुनिश्चित होगी, जब वे स्वयं बैठकों में उपस्थित होकर अपनी बात रखेंगी और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएंगी. उन्होंने अगली बैठकों में महिला जनप्रतिनिधियों की स्वयं उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की.
राशन कार्ड और आरटीपीएस सेवाओं की जानकारी
डीएम ने जनप्रतिनिधियों से पात्र लोगों का राशन कार्ड बनवाने में सहयोग करने तथा आरटीपीएस के माध्यम से उपलब्ध सरकारी सेवाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने को कहा.
उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी सेवाओं के लिए लोगों को जिला या प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसके लिए उन्हें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जाए.
सरकारी अस्पतालों में प्रसव और अवैध क्लीनिकों की सूचना
डीएम ने जनप्रतिनिधियों से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की अपील की. उन्होंने बताया कि क्षेत्र में करीब 30 से 40 प्रतिशत प्रसव ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में हो रहे हैं.
जनप्रतिनिधियों से अधिक से अधिक महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए जागरूक करने को कहा गया.
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साथ ही अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र या बिना लाइसेंस संचालित क्लीनिक की जानकारी प्रशासन को देने की अपील की. बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता समेत प्रखंड एवं अंचल स्तरीय पदाधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद थे.
