नालंदा की डीएम उदिता सिंह ने जन-सुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से पहुंचे 26 फरियादियों की शिकायतें सुनते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी.
जन-शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. जिलाधिकारी ने फरियादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना. सुनवाई के दौरान मुख्य रूप से भूमि विवाद, अतिक्रमण, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, अवैध भवन निर्माण और खेती करने से रोकने से जुड़ी शिकायतें सामने आईं.
भूमि मामलों में गलत प्रतिवेदन पर होगी निष्पक्ष जांच
जन-सुनवाई के दौरान भूमि से संबंधित मामलों में गलत प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने की शिकायतों को जिलाधिकारी ने अत्यंत गंभीरता से लिया. उन्होंने प्रभारी पदाधिकारी (जिला राजस्व शाखा) को मामले की विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया.
साथ ही सभी संबंधित पक्षों से आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख जुटाकर पारदर्शी व न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करने को कहा. डीएम ने कहा कि भूमि विवादों में किसी प्रकार की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी.
अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर संयुक्त जांच के आदेश
अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया.
वहीं, अवैध भवन निर्माण की शिकायत पर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) बिहारशरीफ और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) बिहारशरीफ को संयुक्त जांच कर दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई का आदेश दिया. इसके अलावा, अपनी जमीन पर खेती करने से रोकने के मामले में राजगीर प्रशासन (एसडीओ व एसडीपीओ राजगीर) को पीड़ित को तुरंत कानूनी राहत पहुंचाने का निर्देश दिया गया.
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लंबित आवेदनों का होगा शीघ्र निपटारा
जन-सुनवाई में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से संबंधित लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई. जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को प्राथमिकता के आधार पर लंबित आवेदनों का निष्पादन करते हुए पात्र छात्रों को जल्द से जल्द योजना का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
डीएम ने अंत में दोहराया कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को त्वरित, पारदर्शी और न्यायपूर्ण शासन उपलब्ध कराना है, और शिकायतों के निष्पादन में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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