नालंदा में यात्रियों से भरी बस में दौड़ा 11 हजार वाट का करेंट, पति-पत्नी की मौत, आठ गंभीर

Nalanda Bus Electrocution : नालंदा के पावापुरी समवशरण मंदिर के पास यात्रियों से भरी एक बस 11 हजार वोल्ट बिजली के तार की चपेट में आ गई. इस हादसे में बस में सवार पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ लोग बुरी तरह झुलस गए हैं. पूरी खबर नीचे पढ़िए...

गिरियक (नालंदा) से रामनरेश सिंह की रिपोर्ट
Nalanda Bus Electrocution : नालंदा जिले के गिरियक थाना क्षेत्र के पावापुरी समवशरण मंदिर के पास भीषण हादसा हो गया है. यात्रियों से भरी एक बस हाई वोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आ गई. इस दर्दनाक हादसे में बस पर सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ लोग बुरी तरह झुलस गए हैं. घायलों में महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं, जिनमें से कई की हालत अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है.

घायल युवक का चल रहा इलाज.

घर पहुंचने से महज 1 किमी पहले हुआ हादसा

मृतकों की पहचान घोसरावां गांव के राजेन्द्र मांझी के 40 वर्षीय पुत्र रुदल मांझी तथा रूदल मांझी की 35 वर्षीय पत्नी फूलो देवी के रूप में हुई है. बताया जाता है कि सभी पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से ईंट भट्ठे पर अपना काम खत्म कर घर लौट रहे थे. बस में करीब 25 लोग सवार थे. उनका घर अब महज 1 किलोमीटर दूर ही था, तभी समवशरण मंदिर के समीप बस के ऊपर रखी साइकिल बिजली के नंगे तार की चपेट में आ गई और चीख-पुकार मच गई.

अस्पताल में इलाजरत घायल.

स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल

घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया. सभी घायलों को तुरंत पावापुरी के विम्स अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल लाते ही डॉक्टरों ने रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलो देवी को मृत घोषित कर दिया. अन्य गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज आपातकालीन वार्ड में जारी है.

प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे अस्पताल

हादसे की सूचना मिलते ही गिरियक और पावापुरी थाने की पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंची. वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी ने भी विम्स अस्पताल का दौरा किया. अधिकारियों ने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

इस संबंध में पावापुरी ओपी प्रभारी गौरव सिंह ने बताया कि बस चंपारण से ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों को लेकर आ रही थी, जिस पर ऊपर साइकिल रखी थी. गांव पहुंचने के पहले बस 11 हजार विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आ गई जिसके कारण घटना घटी. जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विद्युत प्रवाहित 11 हजार का तार ढीला रहने के कारण घटना घटी है. लोगों के अनुसार तार को ठीक करने के लिए स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी तार ठीक नहीं किया गया था.

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लेखक के बारे में

Published by: Anjani Pandey

अंजनी पांडेय बिहार की डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10+ वर्षों का अनुभव रखते हैं। उन्होंने पटना में दैनिक भास्कर और लाइव सिटीज़ जैसे प्रमुख डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न संपादकीय भूमिकाओं में काम किया है। उन्हें न्यूज़रूम संचालन, कंटेंट रणनीति और डिजिटल संपादन का गहरा अनुभव है। मई 2026 में उप मुख्य कंटेंट राइटर और टीम लीड के तौर पर प्रभात खबर से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल तक वे राजनीतिक संचार और जनसंपर्क से भी जुड़े रहे हैं। राजनीति, अपराध और समसामयिक घटनाओं से जुड़ी खबरों के आइडिएशन और संपादन में उनकी विशेष रुचि है।

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