Biharsharif News: जिले के काशीचक थाना क्षेत्र अंतर्गत महारथ गांव में शुक्रवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा पेश आया. रक्षाबंधन के अवसर पर छुट्टी लेकर घर आए और अपनी छुट्टी पूरी कर शुक्रवार की शाम ड्यूटी पर लौटने की तैयारी में जुटे बिहार पुलिस के जवान मोहन कुमार (40) की करंट लगने से असामयिक मौत हो गई. हादसे के वक्त जवान को बचाने की कोशिश में उनकी पत्नी और बेटा भी करंट की चपेट में आकर मामूली रूप से झुलस गए. इस घटना से जवान के परिवार में चीख-पुकार और कोहराम मच गया है.
डुमरांव से पीटीसी ट्रेनिंग पूरी कर आए थे घर
मृतक जवान की पहचान महारथ गांव निवासी बैजू चौधरी के 40 वर्षीय पुत्र मोहन कुमार के रूप में हुई है. मोहन कुमार अररिया जिले में कांस्टेबल (सिपाही) के पद पर पदस्थापित थे. हाल ही में उन्होंने डुमरांव स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र से अपना पीटीसी (PTC) प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया था और इसके बाद रक्षाबंधन पर्व मनाने के लिए छुट्टी पर अपने पैतृक गांव आए हुए थे.
जलजमाव निकासी के दौरान पानी में गिरा बिजली बोर्ड
परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह मोहन कुमार घर में जमा बारिश का पानी बाहर निकालने के लिए बिजली का मोटर चला रहे थे. इसी दौरान अचानक बिजली का स्विच बोर्ड पानी में गिर पड़ा, जिससे पूरे पानी और मोटर में 440/220 वोल्ट का तेज करंट प्रवाहित हो गया. मोहन कुमार सीधे करंट की चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलसकर वहीं अचेत होकर गिर पड़े. चीख सुनकर दौड़े उनकी पत्नी और बेटे ने जैसे ही उन्हें छुड़ाने की कोशिश की, वे भी करंट के हल्के झटके से झुलस गए.
नवादा से बिहारशरीफ तक दौड़े परिजन, अस्पताल में तोड़ा दम
हादसे के तुरंत बाद बदहवास परिजन मोहन कुमार को आनन-फानन में इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल ले गए. वहां से प्राथमिक उपचार के उपरांत डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए बिहारशरीफ रेफर कर दिया. परिजन उन्हें बिहारशरीफ के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी. इसके बाद परिजन उन्हें लेकर बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद जवान को मृत घोषित कर दिया.
चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, गांव में मातम
मृत्यु की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया. मृतक सिपाही अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं. जवान की मौत से पूरे महारथ गांव में गहरा शोक व्याप्त है. परिजन कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव को लेकर पैतृक गांव लौट गए. गांव के लोगों ने बताया कि शुक्रवार की शाम ही मोहन कुमार को अपनी ड्यूटी पर वापस अररिया के लिए प्रस्थान करना था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.
