चंडी. स्थानीय एक्सीलेंस सेंटर के सभागार में बीस सूत्री की बैठक आयोजित हुई. जिसकी अध्यक्षता रविन्द्र कुमार उर्फ सुनील मुखिया ने किया वही मुख्य अतिथि के रूप में विधायक हरिनारायण सिंह उपस्थित रहे बैठक में शिक्षा, बिजली, नल जल, सड़क, मनरेगा जैसे अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर पर चर्चा हुई जिसमे सदस्य राजेश कुमार ने अरौत पंचायत के वार्ड संख्या-3 में सात निश्चय योजना के तहत वर्ष 2019–20 में कराए गए कार्यों का भुगतान अब तक नहीं होने का मामला उठाया. उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए शीघ्र भुगतान की मांग की. वहीं क्षेत्र में जर्जर बिजली तारों को बदलने की मांग पर विद्युत विभाग के जेई ने एक सप्ताह के भीतर तार बदलने का आश्वासन दिया. बैठक के दौरान विधायक ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चल रहे सर्वे में अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रखंड में मुखिया को नजरअंदाज कर सर्वे किया जा रहा है. विधायक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गलत ढंग से जिन लोगों के नाम सूची में जोड़े गए हैं, उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित कर्मियों का वेतन रोका जाए. साथ ही आवास पर्यवेक्षक को सख्त हिदायत दी गई कि वे स्वयं औचक निरीक्षण कर अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाएं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बावजूद गलत नाम पाए गए तो संबंधित की नौकरी तक बरखास्त की जा सकती है. विधायक ने कहा कि इस पूरे मामले की निगरानी बिससूत्री अध्यक्ष के साथ-साथ वे स्वयं भी करेंगे. इसके अलावा विधायक ने चंडी थाना की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मारपीट के मामलों में एक पक्ष द्वारा आवेदन देने पर तुरंत काउंटर केस दर्ज कर दिया जाता है, जो गलत है. विधायक ने निर्देश दिया कि काउंटर केस दर्ज करने से पहले उचित जांच-पड़ताल की जाए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि थाने में आवेदन देने वाले को हर हाल में रिसीविंग दी जाए. रिसीविंग नहीं देने की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा. विधायक के इन निर्देशों के बाद संबंधित विभागों में हलचल तेज हो गई है और अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए गए हैं.
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