Patliputra University : राजगीर और इसके आसपास के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी है. पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना ने सत्र 2026-27 से अपने अंगीभूत महाविद्यालयों में स्व-वित्तपोषित व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने की स्वीकृति प्रदान की है. इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अबू बकर द्वारा अधिसूचना जारी की गई है.
अधिसूचना के अनुसार, राजगीर के राजकीय डिग्री कॉलेज में एम.लिब. (मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस) की 30 सीटों पर नामांकन की स्वीकृति दी गई है.
इसके साथ ही, महाविद्यालय में एमसीए (मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) तथा बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने का निर्णय लिया गया है.
विभिन्न समितियों और निकायों की मुहर के बाद लिया गया निर्णय
विश्वविद्यालय ने यह निर्णय 21वीं संबंधन एवं नव शिक्षण कार्यक्रम समिति की बैठक में पारित प्रस्तावों पर 18वीं विद्वत परिषद, 27वीं अभिषद तथा 10वीं अधिशद से अनुमोदन मिलने के बाद लिया है.
आदेश के अनुसार, सभी स्वीकृत पाठ्यक्रमों का संचालन संबंधित महाविद्यालय अपने स्तर पर वित्तीय प्रबंधन कर करेंगे. इसके लिए राज्य सरकार अथवा विश्वविद्यालय की ओर से किसी प्रकार का वित्तीय भार वहन नहीं किया जाएगा.
शुल्क एवं अन्य व्यवस्थाएं राज्य सरकार तथा विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित दरों के अनुरूप होंगी.
अन्य महाविद्यालयों को भी मिली स्वीकृति, छात्रों को मिलेगी सहूलियत
विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूची में एम.एम. कॉलेज बिक्रम, एस.यू. कॉलेज हिलसा, बी.एस. कॉलेज दानापुर, एसएमडी कॉलेज पुनपुन, एसपीएम कॉलेज उदंतपुरी तथा आरकेडी कॉलेज पटना सहित सात महाविद्यालयों को विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की स्वीकृति दी गई है.
राजकीय डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद प्रकाश गुप्ता ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि राजकीय डिग्री कॉलेज, राजगीर में एमसीए, एम.लिब. और प्रस्तावित बायोटेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू होने से राजगीर, नालंदा एवं आसपास के जिलों नवादा और शेखपुरा के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी.
स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के नए अवसर होंगे सृजित
स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है.
साथ ही, महाविद्यालय में व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार से क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है.
