Malmas Mela 2026 (रामविलास): विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान बना चुकी धर्मनगरी राजगीर में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का रंग और गहरा हो गया. यहां थाईलैंड से आए 17 सदस्यीय एक विशेष पर्यटक दल ने पर्यटक सूचना केंद्र पहुंचकर राजगीर की ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक विरासत को बेहद करीब से जाना. विदेशी मेहमानों के पर्यटक सूचना केंद्र आगमन पर पर्यटन विभाग की ओर से आत्मीय और पारंपरिक अंदाज में उनका भव्य स्वागत किया गया, जिससे थाई पर्यटक काफी अभिभूत नजर आए.
पर्यटन किट देकर किया गया सम्मानित, नालंदा के गौरवशाली इतिहास से हुए रूबरू
पर्यटन केंद्र पहुंचने पर पर्यटन अधिकारी संजय कुमार ने सभी थाई पर्यटकों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया. विभाग की ओर से सभी विदेशी मेहमानों को विशेष पर्यटन किट बैग प्रदान कर सम्मानित किया गया. इस स्वागत समारोह के दौरान विदेशी पर्यटकों को राजगीर और नालंदा की गौरवशाली ऐतिहासिक धरोहरों, बौद्ध संस्कृति के वैश्विक प्रभाव, विश्व शांति स्तूप के महत्व, प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के स्वर्णिम इतिहास तथा यहां की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया.
भगवान बुद्ध की पवित्र भूमि पर आना सुखद अनुभव, पर्यटकों ने की राजगीर की सराहना
राजगीर की वादियों का दीदार करने के बाद विदेशी पर्यटकों ने यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और ऐतिहासिक महत्व की जमकर सराहना की. थाईलैंड से आए दल के सदस्यों ने कहा कि भगवान बुद्ध और बौद्ध धर्म से जुड़ी इस अत्यंत पवित्र तपोभूमि पर पहुंचना उनके जीवन का एक सुखद, अविस्मरणीय और गहरा आध्यात्मिक अनुभव है.
इस संबंध में पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राजगीर और नालंदा हमेशा से वैश्विक पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे हैं. वर्तमान में चल रहे ऐतिहासिक मलमास मेला और विभिन्न धार्मिक आयोजनों के कारण यहां अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आवक में लगातार रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की जा रही है. इस खास मौके पर सीमा शर्मा, पर्यटक गाइड रमेश कुमार, बब्बन रजक सहित पर्यटन विभाग के कई अन्य कर्मी व स्थानीय लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे.
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