महंगी गैस ने बढ़ाई मुश्किलें, मलमास मेले में होटल और भंडारे अब कोयले के सहारे

Malmas Mela 2026 : राजगीर में चल रहे राजकीय मलमास मेले के दौरान कमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतों ने होटल संचालकों और भंडारा आयोजकों की परेशानी बढ़ा दी है. गैस सिलेंडर महंगा होने और समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण अब कई होटल, भोजनालय और आध्यात्मिक शिविर कोयले के चूल्हों का सहारा लेने लगे हैं. इससे राजगीर में कोयले की मांग अचानक बढ़ गई है.

Malmas Mela 2026 : (रामविलाश) राजगीर में चल रहे राजकीय मलमास मेले के दौरान कमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतों ने होटल संचालकों और भंडारा आयोजकों की परेशानी बढ़ा दी है. गैस सिलेंडर महंगा होने और समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण अब कई होटल, भोजनालय और आध्यात्मिक शिविर कोयले के चूल्हों का सहारा लेने लगे हैं. इससे राजगीर में कोयले की मांग अचानक बढ़ गई है.

एक समय खत्म हो गई थी कोयले की मांग

कुछ साल पहले तक रसोई गैस की आसान उपलब्धता और कम कीमतों के कारण बाजार में कोयले की मांग लगभग खत्म हो चुकी थी. कोयला दुकानदार दिनभर ग्राहकों का इंतजार करते रहते थे. लेकिन अब हालात तेजी से बदल गए हैं और कोयले का कारोबार फिर से रफ्तार पकड़ने लगा है.

मलमास मेले में बढ़ी भोजन की खपत

एक महीने तक चलने वाले मलमास मेले में रोज लाखों श्रद्धालु और पर्यटक राजगीर पहुंच रहे हैं. श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण होटल, रेस्टोरेंट, नाश्ते की दुकानें, प्रसाद केंद्र और आध्यात्मिक शिविरों में बड़े पैमाने पर भोजन तैयार किया जा रहा है. इससे रसोई गैस और कोयले दोनों की खपत कई गुना बढ़ गई है.

महंगी गैस से परेशान हैं होटल संचालक

होटल संचालकों का कहना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. वहीं जरूरत के मुताबिक सिलेंडर समय पर उपलब्ध भी नहीं हो पा रहे हैं. ऐसे में खर्च कम करने और भोजन व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें मजबूरी में कोयले के चूल्हों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है.

भंडारों में भी कोयले का बढ़ा इस्तेमाल

मलमास मेले के दौरान आध्यात्मिक शिविरों में रोजाना हजारों श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन हो रहा है. शिविर संचालकों का कहना है कि गैस की महंगाई और अनियमित आपूर्ति के कारण कोयला सबसे भरोसेमंद विकल्प बन गया है. अब कई शिविरों में बड़े पैमाने पर कोयले पर भोजन बनाया जा रहा है.

कोयला दुकानों पर बढ़ी खरीदारों की भीड़

राजगीर के कोयला व्यवसायी निर्मल द्विवेदी ने बताया कि मेला शुरू होने के बाद बिक्री में अचानक भारी बढ़ोतरी हुई है. पहले जहां एक ट्रक कोयला कई महीनों तक चलता था, वहीं अब एक-दो सप्ताह में ही नया स्टॉक मंगवाना पड़ रहा है. होटल संचालकों, चाय दुकानदारों और मिठाई व्यवसायियों की ओर से लगातार बड़ी मात्रा में कोयले की मांग आ रही है.

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है मांग

व्यवसायियों का मानना है कि यदि कमर्शियल गैस की कीमतों में राहत नहीं मिली और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में कोयले की मांग और तेजी से बढ़ सकती है. मलमास मेले के कारण फिलहाल राजगीर का बाजार पूरी तरह गुलजार बना हुआ है.

Also Read : मलमास मेला में हुआ मिथिला पंचांग का लोकार्पण, सनातन संस्कृति का जीवंत दर्पण है पंचांग-स्वामी चिदात्मन जी महाराज

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vivek Singh

विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 वर्षों से सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है.

इसके साथ ही वे NGO से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं.

वर्तमान में विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

विवेक सिंह किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. वे विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग और लेखन में सटीकता तथा विश्वसनीयता बनी रहती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाले विवेक सिंह पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >