Nalanda News : राजगीर में केंद्रीय विद्यालय संगठन, पटना संभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्राचार्य सम्मेलन बुधवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. सम्मेलन के अंतिम दिन प्राचार्यों, अधिकारियों एवं प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए एक व्यापक ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया.
इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय विद्यालयों में प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना, वित्तीय लेन-देन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा डिजिटल प्रणालियों को अधिक प्रभावी बनाना रहा. पूरे दिन चले इस सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने सेवा नियमों, वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और शैक्षणिक गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न विषयों पर सभी को विस्तृत मार्गदर्शन दिया.
तनावमुक्त वातावरण में कार्य करने की सलाह
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में पटना संभाग के डिप्टी कमिश्नर डॉ. ए.के. मिश्रा ने उपस्थित अधिकारियों को मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास के महत्व से विस्तार से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि निरंतर बढ़ते कार्यभार के बीच अपने निजी और व्यावसायिक जीवन में संतुलन बनाए रखना ही एक प्रभावी प्रशासन की पहली आवश्यकता है.
उन्होंने सभी को तनावमुक्त वातावरण में कार्य करने, बेहतर समय प्रबंधन अपनाने तथा सकारात्मक सोच के माध्यम से अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के कई व्यावहारिक उपाय साझा किए.
वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर विशेष बल
इसके बाद आयोजित द्वितीय सत्र में केवीएस मुख्यालय के असिस्टेंट कमिश्नर (फाइनेंस) ओ.एस. शेरोन ने संगठन की पूरी वित्तीय व्यवस्था, बजटीय आवंटन तथा मुख्यालय द्वारा जारी की गई गाइडलाइन पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने विद्यालयों को सभी वित्तीय नियमों का अक्षरशः पालन करने, लेखा-जोखा पूरी तरह से पारदर्शी रखने तथा सरकारी धन के सदुपयोग में अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
17 महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं वित्तीय बिंदुओं पर प्रशिक्षण
सम्मेलन का सबसे विस्तृत और तकनीकी सत्र असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर कुमार आनंद द्वारा संचालित किया गया. इसमें ई-पेंशन पोर्टल के प्रभावी संचालन, लंबित ऑडिट पैरा के निपटारे, एजी एवं आंतरिक ऑडिट की समीक्षा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया वेब पोर्टल के अद्यतन, नई पेंशन योजना के नवीन प्रावधान, सर्विस बुक संधारण, टर्मिनल बेनिफिट्स, नामांकन, सेवा सत्यापन, अवकाश खाते के अद्यतन, रिकॉर्ड एवं रजिस्टर प्रबंधन, विद्यालय विकास निधि के पारदर्शी उपयोग, फिक्स्ड एसेट्स रजिस्टर, पात्र विद्यार्थियों की फीस छूट तथा कर्मचारियों को दिए गए अग्रिम भुगतान के समयबद्ध समायोजन सहित कुल 17 महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई.
शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार और नवाचार पर मंथन
चतुर्थ सत्र में असिस्टेंट कमिश्नर पूर्णेंदु मंडल ने विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विषयों पर ओरिएंटेशन प्रदान किया. उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यालयों में नवाचार आधारित शिक्षण, विद्यार्थियों के समग्र विकास तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की.
अंतिम तकनीकी सत्र में देशभर के केंद्रीय विद्यालयों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा किया गया. इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्यों और अधिकारियों ने प्रशासनिक एवं वित्तीय चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए और व्यावहारिक समाधान पर विचार-विमर्श किया.
धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्मेलन का समापन
गहन प्रशिक्षण और विचार-विमर्श के बाद आयोजित समापन सत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों की सराहना की गई.
आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों और सहयोगी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. अंत में, केन्द्रीय विद्यालय, नालंदा के प्राचार्य विवेक किशोर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ यह तीन दिवसीय प्राचार्य सम्मेलन पूरी तरह से संपन्न हुआ.
