राजगीर केंद्रीय विद्यालय की स्थापना में शुल्क माफी बनी रोड़ा, महीनों से अटका जमीन का निबंधन

राजगीर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया शुल्क माफी के पचड़े में फंस गई है. पांच एकड़ भूमि आवंटित होने के बावजूद, मुद्रांक और निबंधन शुल्क माफी न होने से जमीन का निबंधन अटका हुआ है. इसका सीधा असर विद्यालय की शुरुआत और छात्रों के नामांकन पर पड़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता है.

Rajgir Central School : पर्यटक नगरी राजगीर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की उम्मीद अब भी विभागीय प्रक्रिया में उलझी हुई है. जिला प्रशासन ने विद्यालय की स्थापना के लिए पिलखी मौजा के महादेवपुर में लैंड बैंक की पांच एकड़ भूमि चिन्हित कर आवंटित कर दी है. भूमि को केंद्रीय विद्यालय संगठन के नाम पर नि:शुल्क लीज के माध्यम से हस्तांतरित किया जाना है, लेकिन शत-प्रतिशत मुद्रांक शुल्क और निबंधन शुल्क माफी की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण जमीन का निबंधन महीनों से लंबित है. इसका सीधा असर विद्यालय की स्थापना और विद्यार्थियों के नामांकन पर पड़ रहा है.

जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन ने शुल्क माफी को लेकर शिक्षा विभाग और निबंधन विभाग से पहले ही पत्राचार किया है. बावजूद इसके अब तक विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है. शुल्क माफी की स्वीकृति मिलने के बाद ही चिन्हित भूमि का निबंधन कर केंद्रीय विद्यालय संगठन को हस्तांतरित किया जा सकेगा. निबंधन की प्रक्रिया पूरी होते ही विद्यालय स्थापना की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है.

केंद्रीय विद्यालय के खुलने से राजगीर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बड़ी शैक्षणिक सुविधा मिलने वाली है. खासकर ग्रामीण पृष्ठभूमि के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को अपने घर के समीप गुणवत्तापूर्ण और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा. अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भरता कम होगी. विद्यालय के अस्थायी संचालन को लेकर नालंदा विश्वविद्यालय ने भवन और आवश्यक उपस्कर उपलब्ध कराने का आश्वासन पहले ही दिया है. ऐसे में विद्यालय के संचालन के लिए प्रारंभिक आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराने में भी बड़ी बाधा नहीं है. लेकिन भूमि निबंधन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से पूरा मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है.

डाॅ कौलेश कुमार, गोलू यादव, सुधीर कुमार पटेल, बबलू कुमार, पप्पू कुमार सिंह एवं अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि राजगीर जैसे तेजी से विकसित हो रहे पर्यटन और शिक्षा केंद्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी. इससे शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खुलेगा और बच्चों को बेहतर अवसर मिलेंगे. अब लोगों की नजर शिक्षा एवं निबंधन विभाग पर टिकी है. जिम्मेदार विभागों द्वारा मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क माफी की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर भूमि निबंधन का रास्ता साफ करने की मांग जोर पकड़ने लगी है.

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By रामविलास प्रसाद

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