कबड्डी हमारी सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा

शुक्रवार को केके विश्वविद्यालय के प्रांगण में 23 वीं बिहार राज्य पटना प्रमंडलस्तरीय सब जूनियर बालक-बालिका कबड्डी प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य आयोजन हुआ,

बिहारशरीफ. शुक्रवार को केके विश्वविद्यालय के प्रांगण में 23 वीं बिहार राज्य पटना प्रमंडलस्तरीय सब जूनियर बालक-बालिका कबड्डी प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें पटना, बक्सर, कैमूर, रोहतास, नालंदा और भोजपुर के चुनिंदा खिलाड़ी अपनी ताकत दिखाने मैदान में उतरे. इस आयोजन की पूरी जिम्मेदारी संयोजक राणा रणजीत सिंह और केके यूनिवर्सिटी चेयरमैन ई. रवि चौधरी ने संभाली, जबकि पीटीआई नीरज कुमार विशेष सहयोग में रहे. प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय प्रतिभा को उभारना था. प्रतियोगिता में जिले के दर्जनों जूनियर खिलाड़ी भाग लिए, जिनका चयन उनके बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर हुआ. कबड्डी प्रैक्टिस ग्राउंड पूरी तरह तैयार था और मेहमान टीमों का उत्साह चरम पर था. प्रतियोगिता के फाइनल में, बालिकाओं की मैच में पटना ने बक्सर को 48-12 से मात दी, जबकि बालकों की मैच में पटना ने बक्सर को 47-33 से पराजित किया. दोनों वर्गों में पटना की टीम विजेता रही, वहीं बक्सर टीम उपविजेता बनी. आयोजन में केके यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर रिची रवि, बिहार कबड्डी एसोसिएशन के चेयरमैन कुमार विजय सिंह, वाइस चांसलर वी नारायणा, निदेशक कुमार सरोज सिंह, रजिस्ट्रार सुमन कुमार वर्मा, गोपाल शरण, प्राचार्या साजिना जयशंकर, राणा रंजीत सिंह, जयशंकर चौधरी, यशपाल सिंह, रेफरी सुभाष कुमार, अभिमन्यु प्रताप, पुष्कर शर्मा, ऋषभ राणा, नीतीश पाठक, दीपक कुमार और नीरज कुमार सहित सैकड़ों दर्शक मौजूद थे. केके यूनिवर्सिटी चेयरमैन ई. रवि चौधरी ने कहा कि कबड्डी हमारी सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है. इस तरह के आयोजनों से युवा खिलाड़ियों में अनुशासन, टीम वर्क और खेल भावना को बढ़ावा मिलता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SANTOSH KUMAR SINGH

SANTOSH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >