नालंदा. पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, राजगीर में ‘सेवा फर्स्ट नवाचार चुनौती-2026’ का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्राचार्य विनीत कुमार शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे.
सामाजिक समस्याओं को पहचानकर समाधान तलाशने पर जोर
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सेवा संकल्प अभियान एवं सेवा फर्स्ट नवाचार चुनौती के उद्देश्यों की जानकारी दी गयी. विद्यार्थियों को अपने आसपास मौजूद सामाजिक समस्याओं को पहचानने तथा उनके रचनात्मक, नवीन और व्यावहारिक समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया गया. कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा भावना के साथ नवाचार और समस्या समाधान की सोच विकसित करने पर जोर दिया गया.
ज्ञान और वैज्ञानिक सोच से समाज की सेवा का आह्वान
प्राचार्य विनीत कुमार शुक्ला ने कहा कि सेवा भाव केवल किसी जरूरतमंद की सहायता करने तक सीमित नहीं है. समाज की समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में पहल करना भी सच्ची सेवा है. उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का उपयोग समाज एवं राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के छोटे-छोटे नवाचारी प्रयास भविष्य में बड़े सामाजिक बदलाव का आधार बन सकते हैं.
पांच विषयों पर नये विचार विकसित करने के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम का समन्वय जीवविज्ञान की स्नातकोत्तर शिक्षिका अर्चना गांधी ने किया. उन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं सतत भारत, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत, स्वस्थ एवं समावेशी भारत, शिक्षित एवं कौशल भारत तथा सुरक्षित भारत जैसे विभिन्न विषयों की विस्तार से जानकारी दी. इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर की समस्याओं पर विचार कर उनके समाधान के लिए नये विचार विकसित करने को कहा गया.
नवाचारी विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदलने की तैयारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विशेष उत्साह दिखाया. उन्होंने अपने नये विचारों और नवाचारी समाधानों के माध्यम से सामाजिक समस्याओं के समाधान में योगदान देने की इच्छा जतायी. विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए संदेश दिया गया कि “समस्या देखो, समाधान सोचो, नवाचार करो, सेवा करो.”
कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षकों का सहयोग रहा. आगामी दिनों में विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों को एकत्रित कर उनका मार्गदर्शन और विकास किया जायेगा, ताकि उपयोगी विचारों को व्यावहारिक समाधान के रूप में आगे बढ़ाया जा सके.
