नालंदा (बिहारशरीफ) से रामविलास की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : शहर के बहुचर्चित झुनकिया बाबा मंदिर मॉब लिंचिंग कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. मामले के मुख्य अभियुक्त दीनानाथ शरण ने मंगलवार को नालंदा व्यवहार न्यायालय, बिहारशरीफ में आत्मसमर्पण कर दिया है. न्यायालय के आदेश के बाद विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. इसकी पुष्टि राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने की है. डीएसपी ने बताया कि इस चर्चित कांड की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. अनुसंधान पूरा होते ही न्यायालय में आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया जाएगा.
चार गिरफ्तार, दो ने किया सरेंडर
साथ ही मामले की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए स्पीडी ट्रायल चलाने का अनुरोध भी किया जाएगा, ताकि दोषियों को शीघ्र कानून के अनुसार सजा मिल सके. डीएसपी के अनुसार इस मामले में अबतक चार आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अभियुक्तों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है. पुलिस का दावा है कि लगातार चलाए गए गिरफ्तारी अभियान, संभावित ठिकानों पर छापेमारी और बढ़ते कानूनी दबाव के कारण मुख्य अभियुक्त को भी अंततः अदालत की शरण लेनी पड़ी है. डीएसपी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के निर्देश पर घटना के तुरंत बाद विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया गया था.
वायरल वीडियो और CCTV फुटेज से हुई आरोपियों की पहचान
एसआईटी ने वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की. इसके बाद टीम लगातार विभिन्न स्थानों पर छापेमारी करते हुए संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी. पुलिस के अनुसार पुरानी दशरथ किला, झुनकिया बाबा मंदिर निवासी मुख्य अभियुक्त दीनानाथ शरण एक पखवाड़े से फरार चल रहे थे. उनके संभावित ठिकानों पर पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही थी. इसी दबाव के चलते उसने अंततः न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है.
डीएसपी का बड़ा बयान, मॉब लिंचिंग के किसी भी आरोपी को नहीं बख्शा जाएगा
डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि इस बहुचर्चित मॉब लिंचिंग कांड में सत्यापित सभी आरोपितों की गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण सुनिश्चित कर लिया गया है. अब पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों को मजबूत करते हुए आरोप-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है. उन्होंने कहा कि कानून का राज कायम रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इस जघन्य घटना में शामिल किसी भी आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
निष्पक्ष जांच और त्वरित सुनवाई पर पुलिस का फोकस, पीड़ित पक्ष को जल्द मिलेगा न्याय
उन्होंने स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस प्रत्येक अभियुक्त को उसके अपराध के अनुरूप विधिसम्मत दंड दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रभावी कार्रवाई कर रही है. मामले की निष्पक्ष जांच और शीघ्र सुनवाई के लिए पुलिस न्यायालय के समक्ष सभी आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करेगी, ताकि पीड़ित पक्ष को जल्द न्याय मिल सके.
