Nalanda Tourism : भारत पर्यटन विकास निगम की प्रबंध निदेशक एवं पर्यटन मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव मुग्धा सिन्हा ने रविवार को विश्व धरोहर प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष तथा ह्वेन त्सांग मेमोरियल कॉम्प्लेक्स का भ्रमण कर नालंदा की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की सराहना की. विश्वविख्यात ज्ञानभूमि की समृद्ध परंपरा और बौद्ध धरोहर को देखकर वह अभिभूत नजर आईं.
ह्वेन त्सांग मेमोरियल में कुलपति द्वारा आत्मीय स्वागत
ह्वेन त्सांग मेमोरियल कॉम्प्लेक्स में नव नालंदा महाविहार सम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने उनका आत्मीय स्वागत किया.
उन्होंने चीन के महान बौद्ध आचार्य ह्वेन त्सांग की ऐतिहासिक भारत यात्रा, नालंदा महाविहार में उनके दीर्घकालीन अध्ययन, आचार्य शीलभद्र के सान्निध्य में प्राप्त ज्ञान तथा भारत-चीन के सांस्कृतिक और बौद्ध संबंधों को सुदृढ़ बनाने में उनके अद्वितीय योगदान की विस्तृत जानकारी दी.
निर्माणाधीन ह्वेन त्सांग अवशेष संग्रहालय का अवलोकन
भ्रमण के दौरान मुग्धा सिन्हा ने निर्माणाधीन ह्वेन त्सांग अवशेष (अस्थी) संग्रहालय का भी अवलोकन किया. संग्रहालय की परिकल्पना, आधुनिक प्रदर्शनी व्यवस्था और विरासत संरक्षण के प्रयासों की उन्होंने मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की सांस्कृतिक धरोहर परियोजना बताया.
मानवता की साझा विरासत और सांस्कृतिक पर्यटन की संभावनाएं
उन्होंने कहा कि नालंदा केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की साझा बौद्धिक विरासत है. इसके संरक्षण और वैश्विक प्रचार-प्रसार की दिशा में निरंतर प्रयास आवश्यक है.
उन्होंने नालंदा की बौद्ध विरासत, प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक पर्यटन की व्यापक संभावनाओं की भी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे ऐतिहासिक स्थलों का विकास भारत की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर और अधिक सशक्त करेगा. इस अवसर पर महाविहार, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.
