हिलसा उपकारा में बंदियों को बांधी राखी, रक्षासूत्र का बताया महत्व

कारा अधीक्षक अशोक कुमार सिंह ने इसकी रहस्य बताते हुए बुके देकर किरण बहन एवं पूजा बहन साथ में कारा कर्मियों द्वारा सम्मानित किया गया.

हिलसा. सोमवार को रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शाखा हिलसा नालंदा की तरफ से ब्रह्मकुमारी किरण बहन के नेतृत्व में हिलसा उपकारा में पहुंचकर कारा अधीक्षक, पुलिस कर्मियों एवं बंदियों को रक्षा सूत्र राखी बांधी. कारा अधीक्षक अशोक कुमार सिंह ने इसकी रहस्य बताते हुए बुके देकर किरण बहन एवं पूजा बहन साथ में कारा कर्मियों द्वारा सम्मानित किया गया. इस दौरान ब्रह्मकुमारी किरण ने बताया कि प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से रक्षाबंधन पर बहन-भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं. भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है. वास्तव में भाई-बहन का पवित्र रिश्ता होता है. रक्षा का मतलब हमें हर एक की रक्षा करनी चाहिए. बुराई का त्याग ही सच्चा रक्षाबंधन हैं. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का मतलब होता है कि बुराइयों के बंधन को तोड़ना और अच्छे विचारों की रक्षा स्वयं करनी होगी. ताकि परिवार में एकता बनी रहे. हमें परिवार में रहते हुए चिंता व भय नहीं होता. हमें अपने जीवन की बुराइयों से रक्षा करनी चाहिए. उन्होंने बताया कि तिलक लगाने का मतलब आध्यात्मिक स्मृति में टिक जाना होता है. आध्यात्मिक स्मृति में रहकर हर कर्म करने से विजय होती है. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को मनोविकार और बुराइयों व व्यसनों से स्वयं की रक्षाकर अपने को आध्यात्मिक व नैतिक मूल्यों के बंधन में बांधे तभी रक्षाबंधन के पवित्र पर्व की सार्थकता साकार होगी. इस मौके पर कारा उपाधीक्षक अनिल कुमार, लिपिक आशुतोष कुमार सिंह, प्रेम कुमार, अरुण दास, पवन कुमार सहित सैकड़ों बंदियों मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >