नालंदा जिले के हिलसा व्यवहार न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जहां पक्षकारों के बीच हुए समझौते के आधार पर कुल 741 मामलों का निष्पादन किया गया. सुलह के आधार पर मामलों का निष्पादन कराने के लिए अहले सुबह से ही लोगों की आवाजाही कोर्ट परिसर में होने लगी थी.
बैंक और बिजली मामलों का निष्पादन
सबसे अधिक बैंक से संबंधित 558 में से 223 मामलों का निष्पादन किया गया, जिससे 59,39,317 रुपये की रिकवरी हुई. वहीं बिजली से संबंधित 483 में से 193 मामलों का निपटारा हुआ और 10,86,413 रुपये की रिकवरी की गई.
इसके अलावा हिलसा अनुमंडल के विभिन्न थानों में दर्ज बिजली विभाग के पेंडिंग केसों से जुड़े 303 में से 121 मामलों का निष्पादन कर 20,13,557 रुपये का सेटलमेंट हुआ.
ट्रैफिक चालान और बीएसएनएल
ट्रैफिक चालान से संबंधित 103 में से 41 मामलों का निष्पादन किया गया तथा 52,100 रुपये की रिकवरी की गई. जबकि बीएसएनएल से संबंधित 8 में से 3 मामलों का निष्पादन हुआ और 1,497 रुपये की रिकवरी दर्ज की गई.
आपराधिक मामलों का निपटारा
आपराधिक मामलों से संबंधित 400 में से 160 मामलों का निपटारा आपसी समझौते के आधार पर किया गया, जिसके तहत 5,500 रुपये का सेटलमेंट हुआ.
नौ न्यायपीठों का हुआ गठन
समझौता योग्य मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए कुल नौ न्यायिक बेंचों का गठन किया गया था. अनुमंडलीय विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार पाण्डेय एवं सचिव सह अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी कुमारी सावित्री की देखरेख में सुनवाई हुई, जिसमें अन्य न्यायाधीशों और गैर-न्यायिक सदस्यों ने सहयोग दिया.
