नालंदा विश्वविद्यालय में हेरिटेज टूरिज्म मैनेजमेंट कोर्स, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू

नालंदा विश्वविद्यालय और बिहार पर्यटन विभाग मिलकर 5 दिवसीय 'विरासत-पर्यटन प्रबंधन प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम' आयोजित कर रहे हैं. यह कार्यक्रम 25-29 जुलाई 2026 तक चलेगा और इसमें व्यावहारिक ज्ञान पर जोर दिया जाएगा. ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 24 जुलाई है.

नालंदा विश्वविद्यालय और पर्यटन विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में विरासत और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए पांच दिवसीय "विरासत-पर्यटन प्रबंधन प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम" का आयोजन किया जा रहा है.

इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए इच्छुक प्रतिभागियों से ऑनलाइन पंजीकरण आमंत्रित किए गए हैं. यह कार्यक्रम 25 से 29 जुलाई 2026 तक नालंदा विश्वविद्यालय के भव्य परिसर में आयोजित होगा.

व्यावहारिक व अकादमिक ज्ञान पर रहेगा जोर

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम विरासत अध्ययन (Heritage Studies), पर्यटन प्रबंधन, धरोहर संरक्षण तथा क्षेत्र-आधारित पर्यटन विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहेगा.

इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, पर्यटन उद्यमियों, गाइडों, सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा विरासत संरक्षण में रुचि रखने वाले लोगों को व्यावहारिक एवं अकादमिक ज्ञान प्रदान करना है.

विशेषज्ञों के व्याख्यान व क्षेत्र भ्रमण का मिलेगा अवसर

पाठ्यक्रम के दौरान देश-विदेश के विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, संवाद सत्र, समूह चर्चा तथा क्षेत्र भ्रमण (Field Visit) के माध्यम से प्रतिभागियों को विरासत स्थलों के वैज्ञानिक संरक्षण और पर्यटन प्रबंधन की आधुनिक अवधारणाओं से विस्तार से अवगत कराया जाएगा.

विश्वविद्यालय का मानना है कि इस प्रकार के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर एक नई और बेहतर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी.

भोजन एवं आवास की व्यवस्था, 24 जुलाई पंजीकरण की अंतिम तिथि

कार्यक्रम में शामिल होने वाले आवासीय प्रतिभागियों के लिए नाममात्र शुल्क पर आवास एवं भोजन की व्यवस्था की गई है. वहीं, डे-स्कॉलर (गैर-आवासीय) के रूप में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को मध्याह्न भोजन (लंच) एवं अल्पाहार निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा.

विश्वविद्यालय ने इच्छुक अभ्यर्थियों से निर्धारित ऑनलाइन पंजीकरण प्रपत्र भरकर समय पर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है. पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि 24 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है. समय सीमा को देखते हुए इच्छुक प्रतिभागियों को शीघ्र अति शीघ्र आवेदन करने की सलाह दी गई है.

Also Read : आरा : 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू, योगनिद्रा में जाएंगे भगवान विष्णु; जानें गुरु पूर्णिमा, सावन और सोमवारी की तारीखें


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ramvilas prasad

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >