मजदूरों की कमी से कटनी हो रही प्रभावित

जिले में मजदूरों की किल्लत से धान फसल की कटनी प्रभावित हो रही है. बड़े पैमाने पर धान की फसल खेतों में सुखी पड़ी है.लेकिन मजदूरों की कमी के कारण धान की फसल कटनी नहीं हो पा रही है.

शेखपुरा. जिले में मजदूरों की किल्लत से धान फसल की कटनी प्रभावित हो रही है. बड़े पैमाने पर धान की फसल खेतों में सुखी पड़ी है.लेकिन मजदूरों की कमी के कारण धान की फसल कटनी नहीं हो पा रही है. इस सम्बन्ध में किसान धुरी महतों ने बताया कि धान की फसल की 50 प्रतिशत भी कटनी नहीं हो पाई है.एक ओर मजदूरों की कमी है.वहीं,दूसरी ओर कई खेत गीला पड़ा है. मालूम को कि इस बार जिले में धान की अच्छी फसल उपजी है. कुछ किसान धान फसलों की कटाई हार्वेस्टर के माध्यम से करा रहे हैं. बड़े किसानों के खेतों तक हार्वेस्टर मशीन संचालक पहुंच रहे हैं. लेकिन छोटे –छोटे किसानों को धान फसल की कटाई के लिये मजदूरों पर निर्भर हैं. वहीं ,बड़े पैमाने पर धान के खेतों के गीला रहने के कारण भी यह काम तेजी नहीं पकड़ पा रही है. किसान खेतों में गीलापन कम होने का इन्तजार रहे हैं. जिले में इस बार बेमौसम बारिश मोंथा चक्रवात के कारण धान के खेतों में पानी जमा हो गया था. ऐसी स्थिति में किसानों को धान और रबी फसल की बुआई में पिछड़ने का खतरा पैदा हो गया है.

गेंहू फसल की बुआई का होगा प्रभावित

धान फसल की कटनी देर होने के कारण खेतों में गेंहू सहित अन्य रबी फसलों की बुआई बुरी तरह से प्रभावित होने का खतरा पैदा हैं. किसानों का कहना है कि गेंहू फसल बुआई का सबसे अच्छा समय 15 नवंबर से 15 दिसम्बर तक माना जाता है.लेकिन अब तक 50 प्रतिशत से अधिक धान की फसल खेतों में लगे रहने से यह मौसम निकल जाने का अंदेशा सता रहा है.

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By SANTOSH KUMAR SINGH

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