Harnaut Nagar Panchayat : बिहारशरीफ के हरनौत नगर पंचायत में मंगलवार को आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. इस शिविर में पानी, सड़क और साफ-सफाई जैसी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई शिकायतें सुनी गईं. अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए 20 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया.
विभिन्न वार्डों में आयोजित हुआ समस्या समाधान शिविर
जानकारी अनुसार हरनौत नगर पंचायत क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में सुबह 10 बजे से इस विशेष शिविर की शुरुआत हुई. स्थानीय लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी परेशानियां अधिकारियों के समक्ष रखीं. शिविर में पेयजल, नाली, स्ट्रीट लाइट, राशन और पेंशन से जुड़ी समस्याओं पर मुख्य रूप से चर्चा हुई. बाकी बचे मामलों के भी शीघ्र समाधान का आश्वासन अधिकारियों ने दिया है.
बिहार सरकार के निर्देश पर हुई पहल
नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सौरव सुमन ने बताया कि यह आयोजन बिहार सरकार के विशेष निर्देश पर किया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य नगरवासियों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है. उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे इन शिविरों में आकर सरकारी योजनाओं और नागरिक सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं.
इन जगहों पर सुनी गईं लोगों की शिकायतें
अधिकारियों के अनुसार नगर पंचायत के वार्ड संख्या 15, 16, 17, 18 और 19 में अलग-अलग स्थानों पर शिविर लगाए गए. लोगों की सहूलियत के लिए एक निजी मैरिज हॉल, रूपसपुर देवी स्थान, प्राथमिक विद्यालय नियामतपुर और चेरन को शिविर स्थल बनाया गया था. इन निर्धारित स्थानों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनकर उनका निस्तारण किया.
जनप्रतिनिधियों ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य पार्षद प्रतिनिधि धीरज कुमार उर्फ पल्लू सिंह और उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि सुरेश सिंह मौजूद रहे. इनके अलावा संबंधित वार्डों के पार्षद, उनके प्रतिनिधि और नगर पंचायत के कर्मी भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे. जनप्रतिनिधियों ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को तुरंत उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
आगे भी जारी रहेगा सहयोग शिविर का आयोजन
नगर पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के सहयोग शिविर नियमित रूप से लगाए जाएंगे. इससे लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. स्थानीय स्तर पर ही अधिक से अधिक शिकायतों का निपटारा होने से आम नागरिकों को काफी राहत मिलेगी.
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