जू सफारी में हुआ अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम

सोमवार को राजगीर के जू सफारी के सफारी प्लाजा में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. इस अवसर पर आपातकालीन स्थिति, विशेष रूप से आग लगने की घटना से निपटने की तैयारी को परखना और मजबूत करना था.

प्रतिनिधि, राजगीर.

सोमवार को राजगीर के जू सफारी के सफारी प्लाजा में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. इस अवसर पर आपातकालीन स्थिति, विशेष रूप से आग लगने की घटना से निपटने की तैयारी को परखना और मजबूत करना था. अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी रवींद्र राम के निर्देशन में इस अभ्यास में अग्निशमन विभाग के अधिकारी व कर्मियों ने हिस्सा लिया. जू सफारी के कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण में कर्मचारियों को आग से रोकथाम के उपायों, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल, उचित निकासी प्रक्रियाओं और अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग के बारे में सिखाया गया. विशेष रूप से, इस कार्यक्रम का फोकस इस बात पर था कि कर्मचारियों को वन्य प्राणियों और मानवों की सुरक्षा के साथ-साथ आग से संबंधित आपात परिस्थितियों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया. मॉक ड्रिल के दौरान काल्पनिक स्थिति बनायी गयी. इसमें सफारी प्लाजा के एक हिस्से में आग लगने की सूचना दी गई। इसके बाद अग्निशमन दल ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कार्यवाही को अंजाम दिया. इस अभ्यास में पानी के होज पाइप, अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) और अन्य उपकरणों का उपयोग करते हुए आग को बुझाने की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया. अग्नि सुरक्षा और बचाव से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों एवं मजदूरों को आग पर आपात स्थितियों का सामना करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान किया गया. इस दौरान रवीन्द्र राम ने सफारी कर्मियों को बताया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत अलार्म बजाएं, बिजली की आपूर्ति बंद करें और अग्निशामक यंत्रों का सही उपयोग करें। साथ ही यह भी समझाया गया कि जानवरों की सुरक्षा के लिए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाना प्राथमिकता होनी चाहिए. जू सफारी प्रबंधन ने इस ड्रिल को काफी उपयोगी बताया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यासों से न केवल कर्मचारियों की जागरूकता बढ़ती है, बल्कि वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित व सुरक्षित प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी विकसित होती है. मॉक ड्रिल के अंत में अधिकारियों ने कर्मचारियों को कुछ टिप्स भी दिये. जैसे सामग्री भंडारण करते समय आग से बचाव के नियमों का पालन करें. नियमित रूप से उपकरणों की जांच करें. आपातकालीन योजना को समझें. इस अवसर पर जू सफारी के निदेशक राम सुन्दर एम ने कहा कि हमारी प्राथमिकता हमारे पर्यटकों, कर्मचारियों, मजदूरों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा है. यह अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल हमारे कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करेगा, बल्कि यह हमारे पर्यावरण को बेहतर बनाने के व्यापक प्रयासों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा. उन्होंने बताया कि राजगीर के जू सफारी में पहले से ही कई सुरक्षा उपायों को लागू किया गया है. जैसे अग्निरोधक भवन सामग्री, आग चेतावनी प्रणालियों और सशक्त आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इन सुरक्षा उपायों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एक कदम और है. इससे आपातकालीन स्थितियों में सर्वोत्तम तैयारियों को सुनिश्चित किया जा सके. इस अवसर पर सहायक वन संरक्षक-सह-वनों के क्षेत्र पदाधिकारी अरविन्द कुमार, वनों के क्षेत्र पदाधिकारी सुश्री खुशबू और शिवम सिन्हा के अलावे वनपाल, वनरक्षी एवं अन्य वनकर्मी उपस्थित रहे.

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By SANTOSH KUMAR SINGH

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