Rajgir Shravani Mela : रक्षाबंधन के साथ राजगीर का श्रावणी मेला भले ही समाप्त हो गया, लेकिन मेला क्षेत्र में गंदगी और कुप्रबंधन की समस्या अब भी बनी हुई है. कांवरियों के लिए लगाए गये अस्थायी विश्रामालय और जर्मन हैंगर पंडाल हटाये जा चुके हैं. नगर परिषद की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाये गये अस्थायी शौचालय भी हटा दिये गये हैं, लेकिन इनके मल-मूत्र के निस्तारण के लिए खोदे गये गड्ढे अब तक खुले पड़े हैं.
पॉलीथिन डालकर छोड़ दिये गये मल-मूत्र से भरे गड्ढे
अजातशत्रु किला मैदान में गढ़ महादेव मंदिर के उत्तर-दक्षिण दिशा में शौचालयों के मल-मूत्र के निस्तारण के लिए गड्ढे खोदे गये थे. मेला समाप्त होने के बाद इन गड्ढों को मिट्टी से भरकर सुरक्षित तरीके से बंद करने के बजाय ऊपर से महज पॉलीथिन शीट डालकर छोड़ दिया गया है. गड्ढों में जमा मल-मूत्र से तेज दुर्गंध निकल रही है.
बारिश के बाद बढ़ा संक्रमण का खतरा
वर्षा ऋतु में इन गड्ढों की स्थिति और गंभीर हो गयी है. बारिश का पानी मल-मूत्र के संपर्क में आने से आसपास गंदगी फैल रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. साथ ही मच्छरों और अन्य रोगवाहक कीटों के पनपने की आशंका भी बनी हुई है.
स्थानीय लोगों और पर्यटकों को हो रही परेशानी
गड्ढों के आसपास कई जगह गंदगी बजबजा रही है. तेज दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ राजगीर पहुंचने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र में मेला समाप्त होने के बाद इस तरह की स्थिति लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है.
समय रहते गड्ढे नहीं भरे गये तो बढ़ सकती है परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन गड्ढों को समय रहते मिट्टी से भरकर सुरक्षित तरीके से बंद नहीं किया गया तो दुर्गंध और प्रदूषण के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है. बारिश के दौरान गड्ढों में पानी जमा होने से समस्या और गंभीर होने की आशंका जतायी जा रही है.
नेताओं और पूर्व वार्ड पार्षद ने उठाये सवाल
युवा राजद के प्रांतीय नेता गोलू यादव, जदयू नगर अध्यक्ष आशुतोष कुमार पाण्डेय, जनसुराज पार्टी के व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कुमार विभूति और पूर्व वार्ड पार्षद चंदन भारती ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने मेला क्षेत्र में मल-मूत्र से भरे गड्ढों को तत्काल भरने और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है.
डीएम और एसडीएम से हस्तक्षेप की मांग
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजगीर धार्मिक, आध्यात्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है. ऐसे में मेला समाप्ति के बाद इस तरह की गंदगी से शहर की छवि प्रभावित हो सकती है. उन्होंने डीएम और एसडीएम से हस्तक्षेप कर मल-मूत्र से भरे सभी गड्ढों को तत्काल मिट्टी से भरवाने तथा पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता सुनिश्चित कराने की मांग की है.
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