स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण में पिछड़ने वाले प्रखंड कर्मियों से मांगा स्पष्टीकरण

उपविकास आयुक्त श्रीकांत कुणडलिक खाण्डेकर की अध्यक्षता में शनिवार को स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई.

बिहारशरीफ. उपविकास आयुक्त श्रीकांत कुणडलिक खाण्डेकर की अध्यक्षता में शनिवार को स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) की स्थायित्व स्थिति तथा ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समुचित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया. उप विकास आयुक्त ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत गांवों का मूल्यांकन राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न मानकों के आधार पर किया जायेगा, जिसमें जिले की रैंकिंग तय होगी. इसके लिए जन जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को अनिवार्य बताया गया. बैठक में निर्देश दिया गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर इ रिक्शा से माइकिंग, दीवार लेखन, बैनर-पोस्टर, नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से लोगों को स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के प्रति जागरूक किया जाए. जिले के पांच कम प्रदर्शन वाले प्रखंड नूरसराय, बिहारशरीफ, सरमेरा, हरनौत और चंडी के प्रखंड समन्वयकों से कारण पृच्छा (शोकाउज) करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही बताया गया कि इन प्रखंडों की प्रगति पर अब प्रतिदिन समीक्षा की जायेगी, जिसमें संबंधित समन्वयक और कार्यपालक सहायक भाग लेंगे. बैठक में पन्ना लाल (निदेशक, एनइपी), मनरेगा पदाधिकारी, जिला समन्वयक, सलाहकार, सलाहकार, सभी प्रखंड समन्वयक और कार्यपालक सहायक मौजूद थे.

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Published by: Santosh kumar singh

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