Nalanda College : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशव्यापी "नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान" के शुभारंभ के अवसर पर रविवार को नालंदा कॉलेज, बिहारशरीफ के सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की आधारशिला हैं.
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को ड्रग्स और अन्य सभी प्रकार के नशे से दूर रहना होगा, तभी विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा. कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा के सांसद कौशलेन्द्र कुमार, उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) रंजन कुमार चौधरी, जिला युवा पदाधिकारी दीक्षा मिश्रा तथा नालंदा कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सुनीता सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया. इसके बाद उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा और सुना.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन और युवाओं की भागीदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि "नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान" केवल जनजागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का राष्ट्रीय संकल्प है. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी तथा नशे से पूरी तरह मुक्त होना आवश्यक है.
उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर के हजारों विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के लाखों विद्यार्थी, माय भारत के स्वयंसेवक तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सदस्य इस अभियान से जुड़े हैं. एक करोड़ से अधिक युवाओं की भागीदारी यह साबित करती है कि भारत का युवा विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
मंत्री श्रवण कुमार के विचार और बिहार में शराबबंदी का प्रभाव
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए घातक है. यह अनेक सामाजिक बुराइयों की जड़ है. उन्होंने कहा कि बिहार में लागू शराबबंदी सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है, जिसे महिलाओं के व्यापक समर्थन और जनभागीदारी से सफलता मिली है.
उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधीजी भी शराब जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के पक्षधर थे. बिहार में शराबबंदी के समर्थन में बनी मानव श्रृंखला विश्व की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला के रूप में स्थापित हुई, जो सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है.
मंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी लागू कर समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की. उन्होंने कहा कि विभिन्न आंकड़े बताते हैं कि शराबबंदी के बाद राज्य में दूध, मिठाई और कपड़ों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो आम परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव का संकेत है.
प्राचार्या के विचार, नशामुक्ति की शपथ और उपस्थिति
नालंदा कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सुनीता सिन्हा ने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं. यदि यही शक्ति सही दिशा में आगे बढ़े तो देश तेजी से विकास करता है, लेकिन नशे की गिरफ्त में आने पर यही शक्ति समाज और राष्ट्र के लिए चुनौती बन जाती है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का नशामुक्त भारत का आह्वान युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा. कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रवण कुमार ने छात्र-छात्राओं, युवाओं और उपस्थित नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई. सभी प्रतिभागियों ने स्वयं नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया.
इस अवसर पर सांसद कौशलेन्द्र कुमार, उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, अपर समाहर्ता रंजन कुमार चौधरी, जिला युवा पदाधिकारी दीक्षा मिश्रा, नालंदा कॉलेज के शिक्षक, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, एनएसएस, एनसीसी, स्काउट एंड Guide के कैडेट तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे. कार्यक्रम उत्साह, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ संपन्न हुआ, जिससे नशामुक्त समाज के निर्माण का मजबूत संदेश दिया गया.
