बिहारशरीफ. स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ व सुलभ करने के दिशा में सरकार कई योजनाएं चला रही है़ सरकार दावा कर रही है कि गरीबों को समुचित इलाज स्वास्थ्य केंद्र पर हो रहा है़ लेकिन धरातल पर सरकार का दावा खोखला साबित हो रहा है़ स्थानीय प्रखंड के एपीएचसी गोनावां में शनिवार को निर्धारित समय पर डाक्टर मौजूद नहीं रहने की वजह से मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा़ केंद्र का बुरा हाल है़ सरकारी नियमानुसार खुलने का समय सुबह 8 बजे से निर्धारित है, लेकिन सुबह 10:50 बजे तक ओपीडी में कोई चिकित्सक नहीं मौजूद थे़ हालांकि दवा काउंटर खुला था़ वहीं मरीज पंजीयन कराने के लिए पंजीकरण काउंटर सह दवा काउंटर पर कतार में खड़ा होकर पर्ची कटाने के लिए लोग नजर आये़ यहां तक कुछ बुजुर्ग महिला-पुरूष , स्कूली बच्चे समेत जनप्रतिनिधि व युवक भी पर्ची कटाकर परिसर में मौजूद थे़ मरीजों का कहना है कि डाक्टरों का इंतजार करने के सिवा दूसरा कोई विकल्प नहीं है़ संज्ञान के बाद तुरंत स्पष्टीकरण ,वेतन भी बंद : परिसर में मौजूद लोगों ने फोन के माध्यम से पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ राजीव रंजन सिन्हा को जानकारी दी कि भवन परिसर के चेंबर में चिकित्सक मौजूद नहीं है जिसके बाद तुरंत सीएस को अवगत कराते हुए प्रभारी डॉ सिन्हा ने लेटर निकालकर केंद्र के आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विभूति भूषण से जानकारी ली़ गायब का कारण पुछा व स्पष्टीकरण मांगा़ कहा तीन कार्य दिवस के भीतर ज़बाब दें़ यहां तक साल के आखिरी महिने के पहले सप्ताह के शनिवार का पदाधिकारी डॉ भूषण का शनिवार का वेतन भी रोक दीं
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