अरियरी. कसार पंचायत क्षेत्र के कसार गांव में मनरेगा विभाग से बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र के भवन के निर्माण स्थल को लेकर ग्रामीणों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराया जा रहा है, वह बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बिल्कुल उपयुक्त नहीं है. इसके मद्देनजर ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी से स्थल का निरीक्षण कर वैकल्पिक व सुरक्षित जमीन का चयन करने की मांग की है. ग्रामीणों के अनुसार कसार गांव के पश्चिमी छोर पर तालाब के समीप आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण किया जा रहा है. भवन के ठीक ऊपर से 11 हजार वोल्ट का हाई टेंशन तार गुजर रहा है, जबकि भवन के नीचे से पूरे गांव की नाली का पानी बहता है. इसके अलावा मात्र 25 से 30 फीट की दूरी पर एक गहरी पोखर है, जिसमें वर्षभर पानी भरा रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थिति में छोटे बच्चों के लिए गंभीर खतरा बना रहेगा और किसी भी समय अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.इस संबंध में गांव निवासी रविंद्र मिस्त्री समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए होता है, लेकिन जिस जगह इसका निर्माण किया जा रहा है, वहां बिजली का हाई वोल्टेज तार, नाली और पोखर तीनों मौजूद हैं. उन्होंने मांग की कि अंचलाधिकारी अंकु गुप्ता स्वयं स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षित स्थान पर भवन निर्माण की व्यवस्था कराएं.वहीं, पंचायत समिति सदस्य रोहित राज ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस जमीन के लिए अंचलाधिकारी की सहमति ली गई है. उन्होंने बताया कि 11 हजार वोल्ट के तार को हटाने के लिए बिजली विभाग में दो महीने पहले आवेदन दिया जा चुका है तथा नाली के पानी के निकास के लिए भवन के सामने पक्की नाली का निर्माण कराया जाएगा.इधर अंचलाधिकारी अंकु गुप्ता ने बताया कि भवन के सामने तालाब होने के कारण फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है. आगे जांच और निरीक्षण के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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