शेखपुरा. शनिवार को साल 2026 की पहले नगर परिषद शेखपुरा बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने जमकर भड़ास निकाली. नगर परिषद में धड़ल्ले से क्रियान्वित किये जा रहे योजनाओं में टेंडर को नजरअंदाज कर विभागीय व्यवस्था पर जमकर हंगामा हुआ. इस हंगामे के दायरे में नगर परिषद के कुछ चहेते संवेदक भी निशाने पर रहे. तीसरी बार विधानसभा चुनाव को जीतने के बाद पहली बार विधायक रणधीर कुमार सोनी ने नगर परिषद शेखपुरा में बोर्ड की बैठक का कमान संभाला. बैठक में लंबे समय से खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे पार्षदों में काफी उत्साह था. इसी उत्साह को लेकर पार्षदों ने बारी – बारी कर मुद्दों को मजबूती से रखा. इस मौके पर नगर परिषद शेखपुरा में क्रियान्वित होने वाले कार्य का 75 प्रतिशत हिस्सा खास संवेदको से कराने का मुद्दा उठा. इस मुद्दे में भ्रष्टाचार की बात भी उठाई गई. बैठक की अध्यक्षता कर रहे नगर परिषद के मुख्य पार्षद रश्मि कुमारी के अलावे उपसभापति सोनी देवी, शेखपुरा विधायक, कार्यपालक अधिकारी विनय कुमार के अलावा अन्य अधिकारी एवं पार्षद मौजूद रहे. बैठक की जानकारी देते हुए पार्षदों ने बताया कि इस दौरान विधायक ने नगर परिषद में चल रही योजनाओं में अनावश्यक विभागीय तौर पर योजनाओं के क्रियान्वयन पर अंकुश लगाने एवं संवेदक को लेकर उठाए के मुद्दे की जांच कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने, किसी भी योजना के क्रियान्वयन को लेकर वार्ड पार्षदों के अनुशंसा को अनिवार्य रूप से कराने की, ठंड को लेकर असहयो के बीच कंबल वितरण करने एवं अलाव की व्यवस्था में स्थल की संख्या बढ़ाने, गर्मी के पहले जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने सहित अन्य मामलों पर गहन चर्चा करते हुए महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. बिना काम के ही निकल गए राशि होगी जांच
कार्यपालक अधिकारी, नगर परिषद शेखपुरा.
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