बाल संरक्षण इकाई के पुनर्गठन हेतु समन्वय की बैठक

स्थानीय प्रखंड अंतर्गत प्रखंड सभागार में बाल संरक्षण इकाई के पुनर्गठन को लेकर एक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया.

सिलाव. स्थानीय प्रखंड अंतर्गत प्रखंड सभागार में बाल संरक्षण इकाई के पुनर्गठन को लेकर एक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया. बैठक का उद्देश्य प्रखंड स्तर पर बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करना तथा पंचायत और वार्ड स्तर तक इसके प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार करना था. बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रहलाद कुमार, सामेकित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी पिंकी कुमारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, प्रखंड प्रमुख, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि, लेडी सुपरवाइज़र तथा दो किशोरी बालिकाओं ने भाग लिया. बैठक की शुरुआत पीरामल फाउंडेशन के मोहित पाठक द्वारा की गई. उन्होंने बाल संरक्षण इकाई की संरचना, उद्देश्य तथा बच्चों के अधिकारों की रक्षा में इसकी भूमिका पर संक्षिप्त जानकारी दी. इसके बाद सीडीपीओ पिंकी कुमारी ने कहा कि बाल संरक्षण इकाई बच्चों की सुरक्षा, पोषण, शिक्षा और समग्र विकास सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने सभी विभागों के आपसी समन्वय पर विशेष जोर दिया. प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रहलाद कुमार ने कहा कि बाल संरक्षण इकाई का प्रभावी संचालन तभी संभव है जब इसका गठन पंचायत और वार्ड स्तर पर किया जाए. उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय इकाई के माध्यम से बाल विवाह, बाल मजदूरी, स्कूल ड्रॉपआउट और बाल शोषण जैसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई की जा सकती है. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने कहा कि बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से बाल मजदूरी की पहचान, रोकथाम और पुनर्वास की प्रक्रिया को और सशक्त बनाया जा सकता है. वहीं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी ने कहा कि इस इकाई के गठन से बच्चों को अपनी समस्याएं रखने का मंच मिलेगा, जिससे उन्हें बेहतर पोषण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी. प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि विगुल सिंह ने कहा कि बाल संरक्षण इकाई बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में प्रभावी भूमिका निभा सकती है. पीरामल फाउंडेशन की ओर से ईश्वर पाल ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और पॉक्सो अधिनियम की जानकारी दी. अफीफा अनवर ने कहा कि बाल संरक्षण की मजबूत शुरुआत आंगनवाड़ी केंद्रों से होती है, इसलिए इस स्तर पर जागरूकता और निगरानी बेहद जरूरी है. बैठक के अंत में सीडीपीओ ने बताया कि पहले पंचायत स्तर पर और उसके बाद वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण इकाई का गठन किया जायेगा. साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि बाल संरक्षण इकाई की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित की जायेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AMLESH PRASAD

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >