पावापुरी में दो दशक से बंद अतिथि गृह को पर्यटक सूचना केंद्र बनाने की मांग, एक छत के नीचे मिलेगी पर्यटकों को जरूरी जानकारी

पावापुरी के बंद पड़े गेस्ट हाउस को पर्यटक सूचना केंद्र बनाने की मांग उठी है. स्थानीय लोग सरकारी संपत्ति का सदुपयोग करने और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने की वकालत कर रहे हैं.

tourist information center: भगवान महावीर की निर्वाणस्थली पावापुरी में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है. करीब दो दशक पहले पर्यटकों की सुविधा के लिए बनाया गया अतिथि गृह निर्माण के बाद से ही अपेक्षित उपयोग के इंतजार में बंद पड़ा है. लंबे समय से बंद रहने के कारण भवन धीरे-धीरे जर्जर हो रहा है. ऐसे में स्थानीय लोगों ने अनुपयोगी पड़े इस सरकारी भवन को ही पर्यटक सूचना केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग उठायी है.

पावापुरी देश-विदेश के जैन श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में सामान्य पर्यटकों को भी आकर्षित करता है. इसके बावजूद पर्यटकों के ठहरने, मार्गदर्शन और पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए यहां पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाएं नहीं हैं. जैन श्वेतांबर भंडार की धर्मशाला में मुख्य रूप से जैन यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है. ऐसे में पर्यटन विभाग का पुराना भवन वर्षों से बंद पड़ा होना सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर सवाल खड़े करता है.

जल मंदिर के पास सूचना केंद्र बनाने की पहल

इसी बीच बिहार पर्यटन विभाग ने पावापुरी जल मंदिर के पास पर्यटक सूचना केंद्र स्थापित करने की पहल शुरू की है. विभाग के निदेशक ने श्वेतांबर जैन तीर्थ भंडार, पावापुरी के प्रबंधक को पत्र भेजकर जल मंदिर के निकट उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है.

विभाग की इस पहल के बीच स्थानीय लोगों का सुझाव है कि नया भवन बनाने के बजाय पहले से मौजूद अतिथि गृह को आवश्यक मरम्मत कराकर आधुनिक पर्यटक सूचना केंद्र के रूप में विकसित किया जाए. इससे सरकारी धन की बचत के साथ वर्षों से अनुपयोगी पड़ी सरकारी परिसंपत्ति का भी बेहतर उपयोग हो सकेगा.

एक छत के नीचे मिलेगी पर्यटकों को जरूरी जानकारी

प्रस्तावित सूचना केंद्र में पावापुरी के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, आवास, परिवहन, स्थानीय दर्शनीय स्थलों और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध करायी जा सकती है. इससे पहली बार पावापुरी आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को काफी सहूलियत होगी.

स्थानीय निवासी अजय कुमार, उपेंद्र प्रसाद और संजीव कुमार ने कहा कि जब पर्यटकों की सुविधा के लिए भवन पहले से मौजूद है, तो उसे उपयोग में लाने की दिशा में गंभीर पहल होनी चाहिए. भवन की मरम्मत कराकर उसमें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जाएं, तो पर्यटन सुविधा बढ़ाने के साथ पुरानी सरकारी परिसंपत्ति का संरक्षण भी हो सकेगा.

ट्रस्ट और विभाग के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत

पर्यटन विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि पावापुरी के समुचित विकास के लिए सरकारी प्रयासों के साथ मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय संस्थाओं का सहयोग भी जरूरी है. भूमि और अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए संबंधित संस्थाओं का सहयोग मिलने पर पर्यटन योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकता है.

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By अमर वर्मा

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