हिलसा कोर्ट में डीजीपी, एसपी समेत 11 अधिकारियों पर मुकदमा

बिहार के पुलिस महानिदेशक, नालंदा के पुलिस अधीक्षक एवं बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के तीन अवर सचिव समेत 11 अधिकारियों पर हिलसा के प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हेमंत कुमार के न्यायालय में दर्ज मुकदमें में आज शुक्रवार को सुनवाई होगी.

By SANTOSH KUMAR SINGH | January 8, 2026 9:51 PM

हिलसा. बिहार के पुलिस महानिदेशक, नालंदा के पुलिस अधीक्षक एवं बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के तीन अवर सचिव समेत 11 अधिकारियों पर हिलसा के प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हेमंत कुमार के न्यायालय में दर्ज मुकदमें में आज शुक्रवार को सुनवाई होगी. इसी वर्ष 2 जनवरी को नालंदा जिला के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के बकौर गांव के निवासी अधिवक्ता सिकंदर उर्फ सिकंदर पांडेय ने प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में दो मुकदमा (परिवाद संख्या चार एवं पांच ) दर्ज कराया है. परिवाद संख्या 4 में इस्लामपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी अनुज कुमार, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी उपेंद्र कुमार एवं तत्कालीन राजस्व अधिकारी अनीश कुमार अभियुक्त बनाए गए हैं. वही परिवाद संख्या 5 में इस्लामपुर के थाना अध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय, इस्लामपुर के सहायक अवर निरीक्षक हेमंत कुमार, नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी, पटना के विधि व्यवस्था पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक रामसेवक प्रसाद यादव, पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा, बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग के संयुक्त सचिव आर एन चौधरी, अवर सचिव सुनील कुमार तिवारी, गृह विभाग के वर्तमान अवर सचिव एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के वर्तमान अवर सचिव नामित हैं. दोनों मामले जमीन विवाद से संबंधित है. परिवादी का क्या है आरोप

परिवादी अधिवक्ता सिकंदर उर्फ सिकंदर पांडेय के गांव अवस्थित मकान लेकर उनके चचेरे भाई फणींद्र कुमार पांडेय से पूर्व से चला आ रहा विवाद है. मामला पटना हाई कोर्ट में भी लंबित है. परिवाद के अनुसार तत्कालीन अंचलाधिकारी अनुज कुमार, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी कर्मचारी उपेन्द्र कुमार एवं तत्कालीन अंचल राजस्व अधिकारी अनिश कुमार ने एकमत होकर साजिश के तहत पद का दुरूपयोग कर मौजा बकौर, अंचल इस्लामपुर का पंजी- 02 में पेज नंबर 59 जमाबंदी 59 भाग- 01 जमाबंदी पंजी रजिस्टर में काट कुट , छेडछाड़ कर जाली कागजात बना दिया. और कुट रचित दस्तावेज से मेरे पिता कामता प्रसाद शर्मा का संपत्ति खत्म कर गैरकानूनी प्रक्रिया के तहत बेदखल करने का काम किया है. साथ ही मकान को तोड़ कर तहस नहस करने और लाखों का सामान लूट लेने का भी आरोप लगाया है. इन मामलों में अधिकारियों से उन्हें न्याय नहीं मिलने की शिकायत है.

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